गुरुवार का दिन राजस्थान के जैसलमेर जिले के लिए विशेष रहा, जब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यहां पहुंचीं। उनके आगमन पर राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति का काफिला सुरक्षा व्यवस्था के बीच वायुसेना स्टेशन से होते हुए आर्मी कैंट तक पहुंचा, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ से जुड़ा है, जिसका आयोजन शुक्रवार को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में होगा। इस उच्च स्तरीय आयोजन में राष्ट्रपति के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित रहेंगे।
‘वायु शक्ति-2026’: भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास
पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित होने वाला ‘वायु शक्ति-2026’ भारतीय वायुसेना के सामरिक शक्ति प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस युद्धाभ्यास में वायुसेना अपनी उन्नत मारक क्षमता, सटीक निशानेबाजी और आधुनिक युद्धक तकनीक का प्रदर्शन करने वाली है। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में न केवल युद्धाभ्यास देखेंगी, बल्कि इस दौरान वे भारतीय वायुसेना के अधिकारियों और आकाशवीरों से सीधे संवाद भी करेंगी। सुरक्षा कारणों से चांधन से पोकरण तक के पूरे क्षेत्र को अस्थायी तौर पर नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है।
राष्ट्रपति मुर्मू प्रचंड हेलीकॉप्टर में भरेंगी उड़ान
इस दौरे की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय वायुसेना के स्वदेशी कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरेंगी। वे सह-पायलट की सीट पर बैठकर युद्धाभ्यास क्षेत्र का हवाई निरीक्षण करेंगी। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय राष्ट्रपति जैसलमेर की सीमावर्ती एयरस्पेस में किसी लड़ाकू हेलीकॉप्टर में उड़ान भरेगी। यह भारतीय रक्षा तंत्र और महिला नेतृत्व दोनों के लिए ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
अधिकारियों और वायुसेना के जवानों से संवाद
वायुसेना स्टेशन पहुंचने पर राष्ट्रपति मुर्मू अधिकारियों और वायुसेना के जवानों से चर्चा करेंगी और उन्हें आगामी चुनौतियों के लिए प्रोत्साहित करेंगी। वायुसेना द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले इस विशेष अभ्यास में कई प्रकार के उन्नत फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और मिसाइल प्रणालियाँ शामिल होंगी। राष्ट्रपति की उपस्थिति से इस आयोजन का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि यह देश की सामरिक क्षमता और आधुनिक रक्षा तकनीक पर विश्वास को मजबूत करता है।
राष्ट्रपति की पूर्व उड़ानें: राफेल और सुखोई में भी दे चुकी हैं परीक्षा
राष्ट्रपति मुर्मू अपनी सक्रियता और रक्षा बलों के प्रति विशेष रुचि के लिए जानी जाती हैं। इससे पहले वे दो अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में उड़ान भर चुकी हैं। 29 अक्टूबर 2025 को उन्होंने अंबाला स्थित गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन के राफेल विमान में उड़ान भरी। इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को वे असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान पूरी कर चुकी हैं।
इन उड़ानों के साथ राष्ट्रपति मुर्मू देश की पहली ऐसी राष्ट्रपति बनीं, जिन्होंने अलग-अलग दो प्रमुख फाइटर जेट में उड़ान भर कर भारतीय वायुसेना की क्षमताओं का अनुभव किया। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी अपने कार्यकाल के दौरान सुखोई विमान में उड़ान भर चुकी थीं, परंतु राफेल और सुखोई दोनों में उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ही हैं।
सुरक्षा तैयारियों में कोई कमी नहीं
राष्ट्रपति के इस उच्च स्तरीय दौरे को देखते हुए सुरक्षाबलों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जैसलमेर शहर, वायुसेना स्टेशन, पोकरण रेंज और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा काफी मजबूत किया गया है। सेना, वायुसेना और पुलिस के संयुक्त प्रयास से पूरे मार्ग और कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा के सख्त प्रोटोकॉल लागू हैं।


