latest-newsजयपुरराजस्थान

सांभर बर्ड फेस्टिवल 2026: प्रवासी पक्षियों की मेजबानी को तैयार सांभर झील

सांभर बर्ड फेस्टिवल 2026: प्रवासी पक्षियों की मेजबानी को तैयार सांभर झील

राजस्थान की ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर सांभर झील  एक बार फिर देश और दुनिया के पक्षी प्रेमियों का स्वागत करने के लिए तैयार है। 27 फरवरी को कोच्या की ढाणी स्थित इंटरप्रिटेशन सेंटर में भव्य ‘सांभर बर्ड फेस्टिवल’ का आयोजन किया जाएगा। खारे पानी की इस विशाल झील पर जब हजारों प्रवासी पक्षी अपने कलरव से वातावरण को गुंजायमान करते हैं, तो पूरा क्षेत्र अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से भर उठता है।

सांभर झील एशिया की प्रमुख अंतर्देशीय खारे पानी की झीलों में गिनी जाती है। यह न केवल नमक उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण वेटलैंड के रूप में भी जानी जाती है। सर्दियों के मौसम में यहां साइबेरिया, मध्य एशिया और यूरोप के विभिन्न क्षेत्रों से प्रवासी पक्षी हजारों किलोमीटर की यात्रा तय कर पहुंचते हैं।

संरक्षण और जागरूकता का उद्देश्य

इस एक दिवसीय महोत्सव का आयोजन राजस्थान वन विभाग द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य झील की वेटलैंड पारिस्थितिकी के महत्व को रेखांकित करना और आमजन को संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। सांभर झील की जैव विविधता स्थानीय पारिस्थितिक संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वन विभाग का मानना है कि संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। इस फेस्टिवल के माध्यम से नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों के जीवन चक्र की जानकारी दी जाएगी।

तकनीक से सुसज्जित बर्ड वॉचिंग अनुभव

इस वर्ष का बर्ड फेस्टिवल आधुनिक तकनीक से लैस होगा। कार्यक्रम स्थल पर विशेष थीम आधारित स्टॉल लगाए गए हैं, जहां आगंतुकों को अत्याधुनिक दूरबीन, हाई-टेक कैमरे और स्पॉटिंग स्कोप की सहायता से पक्षियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। ड्रोन तकनीक के माध्यम से झील के व्यापक क्षेत्र में पक्षियों की गतिविधियों को समझाया जाएगा। इसके साथ ही ‘eBird’ ऐप के उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी। यह अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पक्षी प्रेमियों को अपने अवलोकन साझा करने का अवसर देता है। इससे वैश्विक स्तर पर पक्षियों की संख्या, प्रवास मार्ग और व्यवहार से जुड़ा डेटा एकत्रित किया जाता है। इस पहल से स्थानीय नागरिक भी वैश्विक संरक्षण प्रयासों का हिस्सा बन सकेंगे।

फोटो प्रदर्शनी और नमक उत्पादन का प्रदर्शन

कार्यक्रम में सांभर झील में पाई जाने वाली दुर्लभ पक्षी प्रजातियों और उनके जीवन चक्र पर आधारित एक विशाल फोटो प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यह प्रदर्शनी न केवल सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक होगी, बल्कि शैक्षणिक महत्व भी रखेगी। साथ ही नमक उत्पादन की पारंपरिक प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। आगंतुक देख सकेंगे कि किस प्रकार तपती धूप में नमक की क्यारियां तैयार की जाती हैं। यह प्रक्रिया स्थानीय समुदाय की आजीविका का प्रमुख आधार है। इस प्रदर्शन से पर्यटकों को झील के आर्थिक महत्व की भी समझ मिलेगी।

बच्चों के लिए विशेष आयोजन

फेस्टिवल में स्कूली विद्यार्थियों के लिए बर्ड क्विज, पेंटिंग और पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है। विजेताओं को वन विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा, जिससे उनमें संरक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो। इसके अतिरिक्त ‘वेटलैंड मित्र पंजीकरण अभियान’ भी चलाया जाएगा। इस पहल के तहत आम नागरिकों को झील के संरक्षण कार्यों से जोड़ा जाएगा। नागरिक स्वयंसेवक के रूप में झील की निगरानी, स्वच्छता और पक्षियों की सुरक्षा में सहयोग कर सकेंगे।

एवियन बोटुलिज्म से सुरक्षा की पहल

पिछले वर्षों में सांभर झील में ‘एवियन बोटुलिज्म’ जैसी बीमारियों के कारण बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत हुई थी। इस गंभीर स्थिति ने संरक्षण तंत्र को अधिक सतर्क किया है। फेस्टिवल के दौरान विशेषज्ञ इस बीमारी के कारणों, रोकथाम के उपायों और सामुदायिक भागीदारी की भूमिका पर जानकारी देंगे। वेटलैंड मित्र अभियान के माध्यम से स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित कर समय रहते बीमार पक्षियों की पहचान और बचाव की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

सांभर बर्ड फेस्टिवल केवल पर्यावरण संरक्षण का मंच नहीं है, बल्कि यह पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक स्थानीय हस्तशिल्प, खानपान और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनुभव करते हैं। इससे स्थानीय समुदाय को आर्थिक लाभ मिलता है और क्षेत्र की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत होती है।

प्रकृति और जिम्मेदारी का संदेश

सांभर बर्ड फेस्टिवल 2026 प्रकृति और तकनीक के समन्वय का उदाहरण है। यह आयोजन न केवल प्रवासी पक्षियों के स्वागत का उत्सव है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है। झील की लहरों पर उड़ते फ्लेमिंगो और अन्य पक्षियों का दृश्य जहां पर्यटकों को रोमांचित करेगा, वहीं यह याद दिलाएगा कि प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading