राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित प्रतिष्ठित SMS अस्पताल में देश का पहला विश्वस्तरीय डर्मेटोलॉजी संस्थान बनकर तैयार हो गया है। अधिकारियों का दावा है कि यह सेंटर अत्याधुनिक तकनीक के मामले में लंदन के बाद दुनिया का सबसे आधुनिक डर्मेटोलॉजी संस्थान होगा। त्वचा, बाल और लेजर उपचारों से संबंधित सभी तरह की सुविधाएं यहां एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी, वह भी नि:शुल्क या अत्यधिक कम कीमत पर। इस संस्थान को विशेष रूप से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया गया है, जहां स्किन रोगों की जांच, सर्जरी, कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजी, लेजर ट्रीटमेंट, रिसर्च और विशेषज्ञ ट्रेनिंग सभी एक ही स्थान पर संभव होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग और एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसके शुभारंभ की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस देश का पहला सरकारी डर्मेटोलॉजी सेंटर
डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र में यह संस्थान भारत का सबसे आधुनिक सरकारी केंद्र बनकर उभरा है। यहां उपलब्ध हाई-टेक सुविधाओं में अत्याधुनिक लेजर मशीनें, डिजिटल डर्मोस्कोपी, स्किन कैंसर की शुरुआती जांच तकनीक और डे-केयर इम्यूनोथेरेपी शामिल हैं। डिजिटल डर्मोस्कोपी तकनीक से त्वचा की समस्याओं की माइक्रो-लेवल जांच संभव हो सकेगी, जिससे निदान तेज और सटीक होगा। साथ ही स्किन कैंसर की प्रारंभिक पहचान के लिए तैयार की गई तकनीक मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्किन बायोप्सी की जांच के लिए अलग से डर्मेटोपैथोलॉजी लैब स्थापित की गई है, जो अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। इस तकनीक से रिपोर्टिंग का समय काफी कम होगा और मरीजों को तुरंत उपचार शुरू किया जा सकेगा। इसके अलावा मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और कॉस्मेटिक प्रोसीजर यूनिट भी तैयार की गई है, जहां स्किन सर्जरी, हेयर ट्रांसप्लांट और अन्य कॉस्मेटिक प्रक्रियाएं आधुनिक मानकों के अनुसार की जाएंगी।
त्वचा रोगों में बढ़ रही चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया सेंटर
SMS मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य एवं वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक माथुर ने बताया कि हाल के वर्षों में त्वचा संबंधी रोग तेजी से बढ़े हैं। प्रदूषण, बदलती जीवनशैली, असंतुलित दिनचर्या, खाद्य आदतों और मानसिक तनाव के कारण सोरायसिस, विटिलिगो, एक्जिमा, एलर्जी, हेयर फॉल और स्किन कैंसर जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब तक गंभीर मरीजों को जटिल उपचार के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य महानगरों में जाना पड़ता था, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों की भारी हानि होती थी। लेकिन अब जयपुर में ही विश्वस्तरीय उपचार सुविधाएं उपलब्ध होने से मरीजों को बड़े स्तर पर राहत मिलेगी।
उपचार के साथ-साथ शोध और शिक्षा का मजबूत केंद्र बनेगा संस्थान
इस संस्थान का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यहां मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च दोनों को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। त्वचा रोगों से जुड़े जटिल मामलों का अध्ययन, नई तकनीकों का परीक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पीजी छात्रों और सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण के लिए विशेष अकादमिक मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। यह संस्थान न केवल मरीजों के उपचार का बड़ा केंद्र होगा, बल्कि भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैयारियों में भी अहम भूमिका निभाएगा।
लंदन जैसा विश्वस्तरीय मॉडल भारत में पहली बार
अधिकारियों के अनुसार, यह संस्थान विश्वस्तरीय डर्मेटोलॉजी सेंटरों के मॉडल पर आधारित है। लंदन के बाद अत्याधुनिक सुविधाओं और तकनीकों के इस स्तर का केंद्र भारत में पहली बार बनाया गया है। स्किन, हेयर और कॉस्मेटिक जरूरतों के लिए यह सेंटर आने वाले समय में बड़ी संख्या में मरीजों के लिए मुख्य स्वास्थ्य केंद्र बनेगा। इस संस्थान में देसी और विदेशी दोनों तकनीकों का समन्वय किया गया है, जिससे मरीजों को अधिकतम गुणवत्ता वाला उपचार मिल सकेगा। इसके साथ ही कम कीमत पर उपलब्ध होने वाली सरकारी सुविधाएं आम लोगों के लिए इसे और अधिक उपयोगी बनाती हैं।
मरीजों को मिलेगा त्वरित और सुरक्षित उपचार
संस्थान में इंस्टॉल की गई मशीनें न केवल अत्याधुनिक हैं, बल्कि सुरक्षित और विश्व स्तर पर प्रमाणित भी हैं। इससे मरीजों को जटिल प्रक्रियाओं के दौरान कम दर्द, कम समय और अधिक सटीकता के साथ उपचार मिल सकेगा। विशेष रूप से स्किन कैंसर की शुरुआती पहचान और बायोलॉजिकल थेरेपी जैसी सुविधाएं गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होंगी। हेयर ट्रांसप्लांट, लेजर हेयर रिमूवल, स्कार रिमूवल, टाइटनिंग और कॉस्मेटिक सुधारों के लिए भी यह संस्थान नई तकनीकें उपलब्ध कराएगा।
जल्द होगा शुभारंभ, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने संस्थान के उद्घाटन की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके शुरू होते ही राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से मरीज यहां पहुंच सकेंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सेंटर भारत में त्वचा रोगों के उपचार की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।


