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प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले 12% अलग आरक्षण की मांग तेज

प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले 12% अलग आरक्षण की मांग तेज

राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों से पहले माली, सैनी, कुशवाह, शाक्य, मौर्य और सुमन समाज द्वारा 12 फीसदी अलग आरक्षण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। आरक्षण संघर्ष समिति राजस्थान के नेतृत्व में यह आंदोलन एक बार फिर जमीन पर उतर चुका है। समाज के सैकड़ों लोग भरतपुर जिले के के गांव मूड़िया गंधार से जयपुर की ओर निकल चुके हैं। यह जन अधिकार यात्रा समाज की 11 सूत्रीय मांगों को सरकार तक पहुंचाने का एक बड़ा प्रयास मानी जा रही है। समिति ने यह भी घोषणा की है कि 25 फरवरी को Jaipur में विधानसभा घेराव किया जाएगा।

मानपुर में स्वागत, यात्रा का जोश चरम पर

शनिवार शाम जब यात्रा मानपुर पहुंची तो राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर समाज के लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया। यात्रा में हिस्सा लेने वाले लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार लंबे समय से लंबित पड़े उनकी मांगों पर जल्द फैसला ले। रात्रि विश्राम मानपुर में किया गया और रविवार सुबह यात्रा पुनः आगे के पड़ाव की ओर बढ़ गई।

यात्रा का नेतृत्व आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रप्रकाश (सीपी) सैनी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि समाज कई वर्षों से अलग 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग उठा रहा है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने यात्रा को रोकने की कोशिश की तो समाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगा।

2023 के आंदोलन का स्मरण और सरकार की पुरानी घोषणाएँ

यात्रा में शामिल नेताओं ने वर्ष 2023 के आंदोलन को याद किया, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री Ashok Gehlot की सरकार के दौरान हलैना के पास बेरी गांव में जयपुर–भरतपुर हाईवे सात दिनों तक बंद रहा था। उस समय सरकार ने कई घोषणाएँ की थीं, जिनमें फुले और लवकुश बोर्ड गठन, 11 अप्रैल को Mahatma Jyotiba Phule जयंती पर अवकाश, विश्वविद्यालयों में फुले पीठ की स्थापना तथा फल-सब्जी विक्रेताओं के लिए वेंडिंग ज़ोन का निर्धारण शामिल था। समाज का कहना है कि इन घोषणाओं में से कई पर आज तक प्रभावी कार्यवाही नहीं हो पाई है, जिसके चलते फिर से आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ा है।

समाज की प्रमुख 11 सूत्रीय मांगें

आरक्षण संघर्ष समिति की मांगों में 12 प्रतिशत अलग आरक्षण का मुद्दा सबसे प्रमुख है, पर इसके अलावा कई महत्वपूर्ण मांगें भी शामिल हैं। समाज की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं—

  • 12 फीसदी अलग आरक्षण

  • महात्मा फुले एवं लवकुश बोर्ड को वित्तीय अधिकार

  • संत लिखमीदास जन्मस्थली को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा

  • सैनी रेजीमेंट गठन

  • महात्मा ज्योतिबा फुले को भारत रत्न

  • आंदोलन से जुड़े मुकदमों की वापसी

  • एससी-एसटी की तर्ज पर विशेष कानून

  • फुले दंपती संग्रहालय निर्माण

  • बागवानी बोर्ड गठन

  • महात्मा फुले फाउंडेशन की स्थापना

  • फल एवं सब्जी मंडियों में समाज के लोगों को प्राथमिकता से दुकान आवंटन

समाज का मानना है कि ये मांगें केवल समुदाय के कल्याण से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि राज्य के कृषि व उद्यानिकी क्षेत्र को भी मजबूत करने का माध्यम बन सकती हैं।

आगामी कार्यक्रम और प्रशासन की तैयारी

भरतपुर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामेश्वर सैनी ने बताया कि यात्रा 22 फरवरी को Dausa, 23 फरवरी को बस्सी और 24 फरवरी को जयपुर के विश्राम घाट पहुंचेगी। 25 फरवरी को विधानसभा घेराव प्रस्तावित है, जिसके लिए हजारों लोगों के जयपुर पहुंचने की संभावना है। यात्रा के मार्ग पर Rajasthan Police की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

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