राजस्थान विधानसभा में अनुदान मांगों पर बहस के दौरान राजनीतिक माहौल गर्म रहा। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा की ओर से की गई टिप्पणी पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब उपनेता प्रतिपक्ष बोल रहे थे, उस समय वे सदन में मौजूद नहीं थे, बल्कि स्पीकर के पास थे। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि वे समझ नहीं पाए कि उनकी तारीफ “ऐसी-तैसी करने” के लिए की गई थी या भलाई के लिए।
डॉ. मीणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपने दल और विचारधारा को नहीं छोड़ सकते, चाहे उन्हें तोप के गोले से ही क्यों न उड़ा दिया जाए। उनका यह बयान सदन में चर्चा का केंद्र बन गया। बहस के बाद सहकारिता और कृषि विभाग की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं और विधानसभा की कार्यवाही शनिवार तक स्थगित कर दी गई।
रामकेश मीणा की टिप्पणी से बढ़ी हलचल
गंगापुर से कांग्रेस विधायक रामकेश मीणा ने डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा के लिए जितना काम किया, उसके अनुपात में उन्हें पद नहीं मिला। उन्होंने यहां तक कहा कि डॉ. मीणा को मुख्यमंत्री या कम से कम उपमुख्यमंत्री या गृहमंत्री बनाया जाना चाहिए था।
रामकेश मीणा ने यह भी कहा कि यदि डॉ. किरोड़ीलाल गंगापुर से चुनाव लड़ना चाहें तो वे अपनी सीट खाली करने को तैयार हैं। इस बयान को लेकर सदन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
प्रश्नकाल में कांग्रेस का वॉकआउट
इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के काम में देरी को लेकर सवाल उठे। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने पिछली सरकार के समय हुए टेंडरों की खामियों का जिक्र किया। विपक्षी विधायकों ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद स्पीकर ने अगला सवाल पुकार लिया।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस के इस कदम को निंदनीय बताया और कहा कि अनुकूल जवाब न मिलने पर वॉकआउट करना सही परंपरा नहीं है। बसपा विधायक मनोज न्यांगली ने भी हंगामे पर आपत्ति जताई।
शिक्षा विभाग में 72 हजार पदों की प्रक्रिया
प्रदेश के स्कूलों में खाली पदों के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पिछली सरकार ने 6264 स्कूलों का क्रमोन्नयन किया, लेकिन नए पद सृजित नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ।
दिलावर ने बताया कि वर्तमान सरकार 72 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया में है। उनके जवाब के दौरान टोकाटाकी होने पर स्पीकर ने संबंधित विधायक को फटकार भी लगाई।
खाद आपूर्ति पर सरकार का पक्ष
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने सदन में कहा कि प्रदेश में यूरिया और डीएपी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि इस बार मानसून लंबा चलने से जमीन में नमी बनी रही और रकबा बढ़ा, जिससे खाद की मांग अधिक रही।
उन्होंने यह भी कहा कि नकली खाद और बीज बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है और 27 फैक्ट्रियां सीज की गई हैं। मंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार से मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध कराया गया और कहीं भी गंभीर स्थिति नहीं बनी।
शनिवार को विधानसभा में सरकार के दो वर्ष के कामकाज पर बहस होगी, जिसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जवाब देंगे। सदन में जारी यह सियासी घमासान आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रहा है।


