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खाटूश्यामजी फाल्गुनी मेला 2026: 35 लाख श्रद्धालुओं की संभावना, कड़े सुरक्षा इंतजाम

खाटूश्यामजी फाल्गुनी मेला 2026: 35 लाख श्रद्धालुओं की संभावना, कड़े सुरक्षा इंतजाम

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी मंदिर में 21 से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाले फाल्गुनी मेले को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दौरान लगभग 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर राजस्थान पुलिस, जिला प्रशासन और श्री श्याम मंदिर कमेटी ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित अनुभव मिल सके।

रिंगस से खाटू तक 17 किलोमीटर पैदल कॉरिडोर

पदयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रिंगस से खाटू तक 17 किलोमीटर लंबा वाहनों से मुक्त पैदल कॉरिडोर तैयार किया गया है। इस मार्ग पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी शौचालय, विश्राम स्थल और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई है। पूरे मार्ग पर पुलिस की लगातार निगरानी रहेगी और अनधिकृत वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस पहल का उद्देश्य पदयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भीड़ को सुव्यवस्थित रखना है।

22 सेक्टर और 350 सब-सेक्टर में सुरक्षा प्रबंधन

मेले के विशाल स्वरूप को देखते हुए पूरे क्षेत्र को 22 मुख्य सेक्टर और 350 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। पांच हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। अस्थायी पुलिस चौकियां, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी, जहां से भीड़ की स्थिति, यातायात व्यवस्था और आपात स्थितियों पर तुरंत निर्णय लिया जा सकेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी नियमित अपडेट जारी किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को ताजा जानकारी मिलती रहे।

25 हजार से अधिक वाहनों के लिए नि:शुल्क पार्किंग

धाम पर प्रतिदिन पहुंचने वाले लगभग 25 हजार वाहनों की व्यवस्था के लिए चार बड़े नि:शुल्क पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं। इन पार्किंग स्थलों को रंग-कोडेड जोन में विभाजित किया गया है, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालु आसानी से अपने वाहन निर्धारित स्थान पर पार्क कर सकें। बावन बीघा पार्किंग को पीला, सांवलपुरा को हरा, लामिया रोड को नीला और दातारामगढ़ पार्किंग को गुलाबी रंग कोड दिया गया है। प्रत्येक पार्किंग स्थल के लिए क्यूआर कोड जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से श्रद्धालु डिजिटल नेविगेशन प्राप्त कर सकेंगे। पार्किंग स्थलों के ऊपर संबंधित रंग के बड़े गुब्बारे लगाए जा रहे हैं, ताकि दूर से ही उनकी पहचान हो सके।

एलईडी स्क्रीन और क्यूआर आधारित मार्गदर्शन

मंदिर परिसर और प्रवेश द्वारों पर 44 एलईडी स्क्रीन स्थापित की गई हैं। इन स्क्रीन पर दर्शन के प्रतीक्षा समय, पार्किंग की स्थिति, आरती के समय, आपातकालीन नंबर और मौसम संबंधी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति गुम हो जाता है तो उसकी सूचना भी इन स्क्रीन पर प्रसारित की जाएगी। क्यूआर कोड आधारित मार्गदर्शन प्रणाली से श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर और पार्किंग तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

पुलिस सहायता बूथ और हेल्पलाइन

मेला क्षेत्र में 12 पुलिस सहायता बूथ स्थापित किए गए हैं, जो वायरलेस और लैंडलाइन नेटवर्क से जुड़े रहेंगे। आपात स्थिति में हेल्पलाइन 112 और मोबाइल नंबर 9667600788 चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। इन बूथों पर खोया-पाया केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा और दिशा-निर्देश की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

रथ यात्रा और विशेष यातायात योजना

27 फरवरी को फाल्गुन एकादशी के अवसर पर सुबह 10:30 बजे रथ यात्रा निकलेगी। इस दौरान संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। यातायात डायवर्जन प्लान लागू रहेगा, ताकि रथ यात्रा के मार्ग पर किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

ई-रिक्शा सेवा और अतिरिक्त होल्डिंग एरिया

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 2000 ई-रिक्शा पास जारी किए गए हैं, जो मात्र 25 रुपये में पार्किंग स्थल से दर्शन स्थल तक पहुंचाएंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए जिगजैग मार्ग, फुट ब्रिज और 40 बीघा का होल्डिंग एरिया बनाया गया है। आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को इस सुरक्षित क्षेत्र में रोका जाएगा, ताकि मुख्य मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ न हो।

नो-व्हीकल जोन और पहुंच मार्ग

जयपुर, रिंगस और सीकर मार्ग से अलग-अलग प्रवेश और निकास की व्यवस्था की गई है। खाटू कस्बा और रिंगस रोड को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है, जिससे पैदल यात्रियों को निर्बाध मार्ग मिल सके। यातायात प्रबंधन के लिए स्पष्ट संकेतक और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

डीजीपी की अपील

पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने, अनुशासन बनाए रखने और पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से इस वर्ष का फाल्गुनी मेला सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

खाटूश्यामजी फाल्गुनी मेला राजस्थान की आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। व्यापक सुरक्षा प्रबंधन, आधुनिक तकनीकी सुविधाओं और सुव्यवस्थित यातायात योजना के माध्यम से प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि लाखों श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के दर्शन कर सकें और यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण एवं यादगार बने।

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