टेक दिग्गज Google ने गुरुवार को अपनी वार्षिक सुरक्षा रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि कंपनी ने 2025 में उन ऐप्स के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है, जो यूजर्स की प्राइवेसी, वित्तीय सुरक्षा और डिवाइस की सेफ्टी के लिए खतरा बन सकते थे। इस दौरान कंपनी ने लाखों ऐसे ऐप्स को प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया, जिनमें मैलवेयर, चोरीछिपे सब्सक्रिप्शन, फाइनेंशियल फ्रॉड या स्पाइवेयर जैसी गतिविधियों के संकेत मिले थे।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस वर्ष, गूगल के AI आधारित सुरक्षा सिस्टम ने प्ले स्टोर के इकोसिस्टम को सुरक्षित करने में केंद्रीय भूमिका निभाई। कंपनी ने बताया कि यूजर्स तक पहुंचने से पहले नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स की पहचान करने के लिए मशीन लर्निंग और जनरेटिव AI का उपयोग किया गया, जिससे प्ले स्टोर पर आने वाले खतरों में भारी कमी आई।
17.5 लाख ऐप्स को प्ले स्टोर पर पब्लिश होने से रोका
19 फरवरी को जारी ब्लॉग पोस्ट में गूगल ने कहा कि 2025 में उसने 1.75 मिलियन (17.5 लाख) ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर पर पब्लिश होने से रोक दिया। इन ऐप्स ने कंपनी की सुरक्षा नीतियों का उल्लंघन किया था। इनमें वे ऐप्स शामिल थे जो या तो हानिकारक कोड का इस्तेमाल कर रहे थे, या फिर यूजर डेटा को बिना अनुमति के एक्सेस करने की कोशिश कर रहे थे। कई ऐप्स वित्तीय धोखाधड़ी जैसे स्कैम मॉडल का उपयोग कर रहे थे, जबकि कुछ यूजर की सहमति के बिना बैकग्राउंड में सब्सक्रिप्शन एक्टिव करते पकड़े गए।
गूगल द्वारा इस स्तर पर की गई कार्रवाई दर्शाती है कि कंपनी अब केवल ऐप्स के पब्लिश होने के बाद निगरानी में सीमित नहीं है, बल्कि पहले ही चरण में सुरक्षा उपायों को लागू कर रही है।
80 हजार डेवलपर अकाउंट बैन किए
गूगल ने बताया कि उसकी जांच में 80,000 से अधिक ऐसे डेवलपर अकाउंट मिले, जो बार-बार नियमों का उल्लंघन कर रहे थे और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों में शामिल थे। ये अकाउंट अक्सर नए नामों से ऐप्स पब्लिश करके नीति से बचने की कोशिश करते थे। इसलिए गूगल ने ऐसे अकाउंट्स पर स्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया, जिससे प्लेटफॉर्म पर फ्रॉड और स्पैम की गतिविधियों में उल्लेखनीय गिरावट आई।
यूजर डेटा को बचाने के लिए 2.55 लाख ऐप्स की परमिशन रोकी गई
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि गूगल ने 2,55,000 से अधिक ऐप्स को संवेदनशील डेटा तक पहुंचने से रोका। कंपनी ने एंड्रॉयड स्टूडियो में Play Policy Insights और Google Play के Data Safety सेक्शन के जरिए डेवलपर्स को प्राइवेसी-सेंट्रिक डिजाइन अपनाने के लिए प्रेरित किया। इन नए टूल्स ने डेवलपर्स को अनावश्यक परमिशन हटाने और यूजर डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता देने में मदद की।
AI आधारित एंटी-स्पैम सिस्टम से 160 मिलियन फर्जी रिव्यू ब्लॉक
गूगल ने अपने एंटी-स्पैम सिस्टम को और उन्नत बनाया है। इसी के चलते 160 मिलियन से अधिक स्पैम रेटिंग और फर्जी रिव्यू को ब्लॉक किया गया। कंपनी ने बताया कि उसका जनरेटिव AI पावर्ड रिव्यू सिस्टम ऐप के डेवलपमेंट के दौरान ही कोड का विश्लेषण कर लेता है। इससे प्ले स्टोर पर सबमिट होने से पहले ही मैलवेयर, स्पाइवेयर और स्कैम ऐप्स की पहचान संभव हो पाती है।
युवा यूजर्स की सुरक्षा के लिए नई लेयर
पिछले वर्ष गूगल ने सुरक्षा की एक नई लेयर जोड़ी, जिसका उद्देश्य युवा यूजर्स को खतरनाक ऐप्स से बचाना था। इसके तहत:
नाबालिगों को गैंबलिंग
डेटिंग
या अनुचित गतिविधियों से जुड़े ऐप्स
सर्च या डाउनलोड करने से रोका गया। यह फीचर विशेष रूप से किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
Google Play Protect हुआ और मजबूत
गूगल ने बताया कि उसका सुरक्षा टूल Google Play Protect अब पहले से अधिक सक्षम है। यह सिस्टम ऐसे ऐप्स की पहचान करता है जो वित्तीय जरियों को निशाना बनाते हैं और संवेदनशील परमिशन का गलत इस्तेमाल करते हैं। 2025 में Play Protect ने:
266 मिलियन खतरनाक इंस्टॉलेशन को रोका
8.72 लाख यूनिक हाई-रिस्क ऐप्स से यूजर्स को बचाया
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि प्ले स्टोर के बाहर से इंस्टॉल किए गए ऐप्स की निगरानी में भी यह सिस्टम अत्यधिक प्रभावी हो चुका है।
फोन कॉल आधारित धोखाधड़ी रोकने के लिए नया ‘इन-कॉल स्कैम प्रोटेक्शन’
गूगल ने फोन कॉल के दौरान होने वाले सोशल इंजीनियरिंग अटैक को रोकने के लिए इन-कॉल स्कैम प्रोटेक्शन फीचर पेश किया। इस फीचर से स्कैमर्स यूजर को कॉल के बीच में Play Protect डिसेबल करवाकर खतरनाक ऐप इंस्टॉल करवाने में सफल नहीं हो पाते। यह नया सुरक्षा फीचर उन हालिया घटनाओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, जिनमें स्कैमर्स लाइव कॉल पर यूजर्स को गुमराह करके उनसे फाइनेंशियल फ्रॉड करते थे।
यूजर सुरक्षा को लेकर गूगल का सबसे बड़ा वर्ष
गूगल की 2025 सिक्योरिटी रिपोर्ट यह साबित करती है कि कंपनी ने उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। लाखों ऐप्स को ब्लॉक करना, हजारों डेवलपर अकाउंट्स को हटाना, AI आधारित सिस्टम को मजबूत करना और नए युवा-सुरक्षा फीचर्स जोड़ना—ये सभी कदम डिजिटल सुरक्षा के स्तर को नए मानकों पर ले जाते हैं।


