जयपुर सहित पूरे राजस्थान में मंगलवार शाम मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते दिनभर तेज धूप और गर्मी के बाद शाम को कई इलाकों में बादल छा गए और हवाएं चलने लगीं। दिन और रात के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी, लेकिन शाम को आई मौसमी गतिविधियों ने लोगों को गर्मी से कुछ राहत भी दी। मौसम में आए इस बदलाव ने एक बार फिर मावठ के असर की ओर इशारा किया है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ी है और कहीं-कहीं हल्की बारिश भी दर्ज की गई। इस बदलाव का असर खासतौर पर पश्चिमी और मध्य राजस्थान में ज्यादा देखने को मिला।
17 शहरों में तापमान 30 डिग्री से ऊपर
मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को राजस्थान के 17 शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में गर्मी का असर ज्यादा रहा। सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम के हिसाब से काफी ज्यादा माना जा रहा है।
न्यूनतम तापमान में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रदेश के कई हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से करीब सात डिग्री तक ऊपर चला गया। इससे लोगों को रात में भी गर्मी का एहसास हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि बादलों की मौजूदगी के कारण रात के तापमान में यह बढ़ोतरी देखने को मिली।
कई संभागों में हल्की बारिश और मेघगर्जन
मौसम केंद्र के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मंगलवार दोपहर बाद जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के झोंके भी चले, जिससे मौसम अचानक बदल गया।
जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में शाम के समय बादल घिर आए और ठंडी हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, हालांकि उमस बनी रही। किसानों के लिए यह बारिश रबी फसलों के लिहाज से आंशिक रूप से लाभकारी मानी जा रही है, लेकिन ओलावृष्टि की आशंका चिंता बढ़ा रही है।
बुधवार को बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का सर्वाधिक प्रभाव बुधवार को देखने को मिलेगा। बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं और ओलावृष्टि की भी आशंका है।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर किसानों को, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। खुले में खड़ी फसलों और वाहनों को सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की गई है। शहरी इलाकों में भी तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मावठ का असर और तापमान में संभावित गिरावट
मौसम केंद्र के अनुसार मावठ के असर से आगामी दो से तीन दिनों तक तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे दिन और रात दोनों समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो सकता है। हालांकि यह राहत ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहने वाली है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कमजोर पड़ने के बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी होगी। खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान के जिलों में गर्मी तेजी से लौट सकती है। मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान सामान्य से ऊपर जाने की संभावना जताई जा रही है।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
राजस्थान में मौसम का यह उतार-चढ़ाव अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। कभी गर्मी तो कभी बारिश और बादलों की आवाजाही से मौसम अस्थिर बना रहेगा। जयपुर, अजमेर और कोटा जैसे मध्य और पूर्वी राजस्थान के शहरों में बारिश के बाद आंशिक राहत मिलेगी, जबकि बाड़मेर और जैसलमेर जैसे पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर फिर बढ़ सकता है।


