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राजस्थान में गर्मी की शुरुआती दस्तक: तेज धूप, बढ़ते तापमान और 20 जिलों में बारिश का अलर्ट

राजस्थान में गर्मी की शुरुआती दस्तक: तेज धूप, बढ़ते तापमान और 20 जिलों में बारिश का अलर्ट

देशभर में सर्दी कम होने के साथ ही गर्मी ने दस्तक देने का सिलसिला शुरू कर दिया है। उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में तापमान तेजी के साथ बढ़ रहा है और इसका स्पष्ट प्रभाव राजस्थान में भी दिखाई दे रहा है। फरवरी का महीना अभी समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन कई जिलों में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। विशेष रूप से जयपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में दोपहर के समय कुछ मिनट भी धूप में खड़ा रहना मुश्किल हो रहा है। तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे यह अनुमान लगाना कठिन नहीं है कि इस वर्ष गर्मी सामान्य समय से पहले दस्तक दे सकती है।

प्रदेश में तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया है कि आगामी 17 और 18 फरवरी को कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके दौरान हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इससे अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि अधिकतम तापमान पर इसका बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में दिन की धूप अभी से तीखी होती जा रही है। विशेषकर बाड़मेर में तेज धूप के कारण दोपहर का समय लोगों के लिए परेशानी भरा हो गया है। मौसम विभाग की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे राजस्थान में मौसम शुष्क बना रहा। इस दौरान कई जिलों में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अलवर में 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा आर्द्रता की औसत मात्रा 11 से 54 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई, जो गर्मी के बढ़ने के संकेत देती है।

मौसम विभाग की फोरकास्ट रिपोर्ट में बताया गया है कि अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, जयपुर, पिलानी, सीकर, कोटा, चित्तौड़गढ़, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, माउंट आबू, नागौर, डूंगरपुर, जालौर, सिरोही, करौली, दौसा और झुंझुनूं सहित कई जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। कुछ जिलों में यह आंकड़ा 33 से 34 डिग्री तक पहुंच गया, जो फरवरी के सामान्य औसत से अधिक है।

इस बीच मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, फलोदी, जालोर, पाली, सिरोही, हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू, नागौर, सीकर और झुंझुनूं सहित अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर, जयपुर, टोंक और भीलवाड़ा के आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि यह बारिश हल्की और स्थानीय स्तर की होगी, जिससे तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। बादलों की मौजूदगी से दिन के तापमान में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन जैसे ही मौसम सामान्य होगा, तापमान फिर तेजी से बढ़ सकता है। फरवरी के महीने में ही पारा 35 डिग्री के पार जाना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में गर्मी की तीव्रता और बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान की यह रफ्तार बनी रही, तो मार्च के शुरुआती सप्ताह से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का प्रकोप महसूस होने लगेगा।

राजस्थान जैसे शुष्क और अर्ध-शुष्क राज्य में फरवरी में ही गर्म हवाओं जैसा असर महसूस होना जलवायु परिवर्तन और मौसम चक्र के बदलते स्वरूप की ओर भी इशारा करता है। वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि फरवरी में औसत तापमान आमतौर पर 26 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, लेकिन इस बार यह औसत पहले ही सप्ताह में 30 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। इससे यह भी संकेत मिलता है कि गर्मी का मौसम इस वर्ष अधिक लंबा और तीव्र हो सकता है।

गर्म हवाओं के प्रभाव से किसानों पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि कई जगह फसलों की कटाई का समय नजदीक है। अचानक बढ़ती गर्मी फसलों की नमी पर असर डाल सकती है। वहीं, आगामी बारिश का दौर कुछ क्षेत्रों में राहत भी दे सकता है और तापमान में हल्की कमी ला सकता है। कुल मिलाकर फरवरी का मौसम इस बार सामान्य से अलग दिखाई दे रहा है और आने वाले दिनों में यह बदलाव और अधिक स्पष्ट हो सकता है।

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