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कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ का विधानसभा घेराव का ऐलान, खेल कोटे में कटौती के फैसले पर विरोध तेज

कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ का विधानसभा घेराव का ऐलान, खेल कोटे में कटौती के फैसले पर विरोध तेज

राजस्थान की राजनीति में जहां एक ओर विधानसभा सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे विवाद जारी हैं, वहीं अब राजधानी जयपुर की सड़कों पर भी राजनीतिक माहौल गर्माने जा रहा है। कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ ने घोषणा की है कि 17 फरवरी को विधानसभा के बाहर व्यापक स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। खेल प्रकोष्ठ के संरक्षक और कांग्रेस नेता अमीन पठान ने कार्यकर्ताओं से सुबह दस बजे बाईस गोदाम पर जुटने का आह्वान किया है, जहां सभा के बाद जुलूस के रूप में विधानसभा की ओर कूच किया जाएगा।

खेल कोटे से नौकरियां खत्म किए जाने पर नाराज़गी

कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ का मुख्य विरोध राज्य सरकार द्वारा खेल कोटे से दी जाने वाली नौकरियों में कटौती और कई पद समाप्त करने को लेकर है। प्रकोष्ठ का कहना है कि यह निर्णय खिलाड़ियों के भविष्य को प्रभावित करने वाला है और राज्य में खेल संस्कृति को कमजोर करेगा। संगठन का आरोप है कि सरकार की नीतियों के चलते खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध अवसरों में कमी आई है, जिससे राज्य की प्रतिभाओं के सामने गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। खेल मैदानों की खराब स्थिति, खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं में कमी और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव जैसे मुद्दों को इस विरोध प्रदर्शन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और सरकार पर विफलता का आरोप

खेल प्रकोष्ठ का यह भी कहना है कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने में सरकार प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है। संगठन का मानना है कि खेल और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने से युवा नशे से दूर रह सकते हैं, लेकिन राज्य में खेल से जुड़े अवसर सीमित किए जाने से विपरीत परिस्थितियां बन रही हैं। इसी कारण प्रदर्शन के माध्यम से सरकार पर खेल नीति में सुधार और युवाओं के लिए सुरक्षित एवं प्रगतिशील वातावरण तैयार करने का दबाव बनाया जाएगा।

प्रदर्शन में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी इस प्रदर्शन में शामिल होने वाले हैं, जिससे पार्टी इसे युवाओं और खिलाड़ियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की महत्वपूर्ण रणनीति मान रही है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन केवल खेल कोटे की बहाली का मामला नहीं है, बल्कि राज्य के संपूर्ण खेल ढांचे के सुधार की मांग है।
इधर, पुलिस और प्रशासन ने भी प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। यातायात प्रबंधन से लेकर सभास्थल और विधानसभा मार्ग तक पुलिस तैनाती बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोका जा सके।

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