कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे शब्दों में हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील डर के माहौल में की गई थी और इसका सीधा नुकसान किसानों व व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है। अजमेर में मीडिया से बातचीत के दौरान खेड़ा ने कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया और कहा कि जब किसी शासक के निर्णय डर में लिए जाते हैं, तो उसकी कीमत देश की जनता चुकाती है।
पवन खेड़ा रविवार को अजमेर स्थित प्रसिद्ध दरगाह ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह पहुंचे, जहां उन्होंने जियारत की। दरगाह से निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति, ट्रेड डील, धर्म और राजनीति के उपयोग तथा आगामी चुनावों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। इस दौरान उनके बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गए।
अमेरिका ट्रेड डील पर तीखा हमला
पवन खेड़ा ने अपने बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील की है, वह मजबूरी और डर की स्थिति में की गई है। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और आर्थिक अस्थिरता के चलते सरकार ने जल्दबाज़ी में यह समझौता किया, जिसके नतीजे कृषि और व्यापारिक क्षेत्रों पर भारी पड़े हैं। खेड़ा ने आरोप लगाया कि किसानों और व्यापारियों को मिलने वाली सुरक्षा व लाभ की उपेक्षा कर सरकार ने विदेशी हितों को तरजीह दी, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक सिद्ध हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने अपने निर्णयों के कारण जनता पर बोझ डाला हो। उनके अनुसार, जब शासक डर के आधार पर नीतियां बनाता है, तो समाज के सभी वर्गों पर उसका नकारात्मक प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि सरकार को इस डील पर देश को विस्तृत स्पष्टीकरण देना चाहिए कि किन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया गया और देश को इससे क्या लाभ मिला।
डॉलर की कीमत और सरकार की आलोचना
खेड़ा ने प्रधानमंत्री के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि डॉलर और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की उम्र में मुकाबला चल रहा है। उन्होंने टिप्पणी की कि आज डॉलर की कीमत इतनी बढ़ गई है कि वह प्रधानमंत्री की उम्र से भी ऊपर चली गई है। कांग्रेस प्रवक्ता के इस बयान को केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सीधा प्रश्न माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि महँगाई, मुद्रा का दवाब और बढ़ता विदेशी कर्ज देश की आर्थिक सेहत को लगातार कमजोर कर रहा है।
धर्म को राजनीति का आधार न बनाने की अपील
पवन खेड़ा ने कहा कि धर्म को राजनीति में इस्तेमाल करना किसी भी देश के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस हमेशा से धर्म के गलत उपयोग के खिलाफ रही है और राजनीति को मुद्दों तथा नीतियों के आधार पर चलाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार कई मौकों पर धार्मिक भावनाओं का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए करती रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए अनुकूल नहीं है।
उनका कहना था कि देश में राजनीति का फोकस बेरोजगारी, महँगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे मुद्दों पर होना चाहिए, लेकिन इन विषयों को अक्सर धार्मिक या भावनात्मक रंग देकर वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाया जाता है।
हरदीप पुरी और केंद्र सरकार पर सवाल
अपने बयान में पवन खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकार के कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब न तो नरेंद्र मोदी दे रहे हैं और न ही हरदीप पुरी। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि कई मामलों में सरकार किस आधार पर निर्णय ले रही है और किन हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की चुप्पी क्यों बनी हुई है और जनता को उसके अधिकारों की जानकारी क्यों नहीं दी जा रही।
राजस्थान की राजनीति और आगामी चुनाव
राजस्थान की राजनीति पर बात करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि प्रदेश की जनता बदलाव के लिए तैयार बैठी है और आगामी चुनावों का बेसब्री से इंतजार कर रही है। उन्होंने मौजूदा राज्य सरकार को पर्ची आधारित व्यवस्था बताकर आरोप लगाया कि जनता इसकी कीमत चुका रही है। खेड़ा ने दावा किया कि राजस्थान की राजनीतिक हवा बदल रही है और जनता स्पष्ट रूप से जनहित और विकास आधारित शासन चाहती है। उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच में हमेशा की तरह भारत ही जीतेगा, लेकिन वास्तविक लड़ाई जनता के हितों की रक्षा की है, जिसमें सरकार लगातार विफल हो रही है।


