कुचमान सिटी एक बार फिर रंगदारी कॉल और गैंगस्टर धमकियों को लेकर चर्चा में है। साल 2025 में कारोबारी रमेश रुलानिया की हत्या से दहले शहर में नए साल 2026 की शुरुआत भी डर और असुरक्षा के माहौल के साथ हुई है। पिछले एक सप्ताह में शहर के तीन लोगों को विदेशी नंबरों से धमकी भरे वॉइस कॉल और वॉइस मैसेज मिले हैं। इन संदेशों में रंगदारी की मांग की गई है। ताजा मामला शनिवार को सामने आया, जब डीडवाना-कुचामन जिले के वरिष्ठ और चर्चित भाजपा नेता विजय सिंह पलाडा को भी विदेशी नंबर से धमकी मिलने की जानकारी सामने आई।
गैंग के नाम पर “सहयोग” की मांग
सूत्रों के अनुसार, धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग से जुड़ा बताया है। कॉल और वॉइस मैसेज में “सहयोग” के नाम पर रकम की मांग की गई है। धमकी भरे कॉल विदेशी नंबरों से किए गए हैं, जिससे पुलिस के लिए जांच चुनौतीपूर्ण हो गई है। हालांकि साइबर सेल तकनीकी ट्रैकिंग के जरिए कॉल के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा ने मामले की जानकारी पुलिस को दे दी है और औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
2025 में भी आए थे विदेशी नंबरों से कॉल
यह पहली बार नहीं है जब कुचामन में इस तरह की घटनाएं सामने आई हों। साल 2025 में भी कई कारोबारियों को विदेशी नंबरों से रंगदारी वॉइस कॉल और मैसेज मिले थे। उस समय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। लेकिन घटनाक्रम ने गंभीर मोड़ तब लिया, जब उन्हीं कारोबारियों में शामिल रमेश रुलानियां की 7 अक्टूबर 2025 को जिम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। बाद में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर साजिश की परतें उजागर की थीं।
फिर वही पैटर्न, बढ़ी चिंता
2026 की शुरुआत में उसी तरह की धमकियों का दोबारा सामने आना शहरवासियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर कुचामन ही बार-बार गैंगस्टरों के निशाने पर क्यों आ रहा है। पहले रंगदारी कॉल और मैसेज, फिर हत्या और अब दोबारा धमकियों का सिलसिला—इन घटनाओं ने व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है। व्यापारिक संगठनों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई है।
पुलिस की साइबर जांच जारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। साइबर सेल विदेशी नंबरों की तकनीकी ट्रैकिंग कर रही है। कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और वॉइस मैसेज की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
हालांकि अभी तक इस मामले में पुलिस का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग और व्यापारी सरकार से मांग कर रहे हैं कि गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाए, ताकि पिछले साल जैसी दुखद घटना दोबारा न हो। कुचामन में एक बार फिर कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच की दिशा और प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।


