राजस्थान के अलवर शहर के अल्कापुरी इलाके में गुरुवार दोपहर अचानक हुई एक अनोखी घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। जलदाय विभाग द्वारा करवाए जा रहे बोरवेल की खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से चांदी जैसी चमकदार धातु के टुकड़े बाहर आने लगे। मजदूरों ने देखते ही इन्हें उठाना शुरू कर दिया और कुछ ही मिनटों में स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर एकत्रित हो गई।
चमकीली धातु निकलते ही मजदूरों में उत्सुकता और भीड़ जुटने लगी
गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे बोरवेल मशीन लगभग 800 फीट गहराई तक पहुंच चुकी थी। खुदाई के दौरान अचानक पानी और मिट्टी के दबाव के साथ कई चमकदार धातुनुमा पत्थर बाहर निकले। मौके पर मौजूद मजदूर इन चमकीले पत्थरों को देखकर हैरान रह गए और उन्हें इकट्ठा करने लगे। देखते ही देखते आसपास के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को सूचना मिली, और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए।
लोग अपने साथ ले गए धातु जैसे पत्थर
खुदाई स्थल पर काम कर रहे एक मजदूर के अनुसार लोग लगभग 8 से 10 किलो वजन तक के धातु जैसे चमकीले पत्थर अपने साथ ले गए।
हालांकि इन धातुओं की वास्तविक प्रकृति क्या है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। कुछ लोगों ने अनुमान लगाया कि यह चांदी हो सकती है, तो कुछ ने इसे किसी अन्य धातु का अयस्क बताया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग लगातार यह अनुमान लगाने में जुटे हैं कि क्या वास्तव में धरती की इतनी गहराई से किसी कीमती धातु का भंडार मिला है।
क्या सच में चांदी के संकेत मिलेंगे? जांच का इंतजार
अब तक संबंधित विभाग या विशेषज्ञ टीम द्वारा किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
धातु के टुकड़ों की जांच किए बिना यह बताना संभव नहीं है कि उनमें चांदी है या कोई अन्य खनिज।
जलदाय विभाग की ओर से बताया गया है कि बोरवेल का काम सामान्य प्रक्रिया के तहत किया जा रहा था और धातु निकलने की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जानकारी संकलित की जा रही है।
स्थानीय लोगों में उत्सुकता और प्रशासन की सतर्कता
अलवर के अल्कापुरी क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग अलग-अलग अनुमान लगा रहे हैं और इंटरनेट पर भी इस विषय पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
वहीं प्रशासन अब इस मामले में सतर्क हो गया है और माना जा रहा है कि धातु की जांच के लिए जल्द ही विशेषज्ञ बुलाए जा सकते हैं ताकि इसकी वास्तविकता सामने आ सके।


