राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का Budget 2026 विधानसभा में पेश कर दिया। वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा पेश किया गया यह बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 41.39 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इसे विकसित और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम बताया है। लेकिन विपक्ष ने इस पूरे बजट को संकीर्ण, सतही और बिना ठोस योजना वाला करार दिया। बजट पेश होने के तुरंत बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं जारी कीं, जिनमें कई तीखे सवालों और आरोपों ने राजनीतिक माहौल को और उत्तेजित कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने Budget 2026 को बताया संकीर्ण और सतही
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार के बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को गुमराह करने वाले वादों से भरा बजट लेकर आई है, जिसमें वास्तविकता और कार्ययोजना का कहीं उल्लेख नहीं है।
जूली ने कहा कि बजट में की गई लगभग 20 प्रतिशत घोषणाएं ऐसी हैं जिनके लागू होने का कोई आधार, वित्तीय व्यवस्था या विस्तृत योजना प्रस्तुत नहीं की गई है। इसके अलावा, 20-25 प्रतिशत घोषणाएं वे हैं जो पहले से रूटीन में चल रही योजनाएं थीं, जिन्हें सरकार ने बस दोबारा घोषणा के रूप में शामिल कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई कई योजनाओं को या तो बंद कर दिया गया है या उनके नाम बदल दिए गए हैं। जूली ने दावा किया कि सरकार की ओर से 45 लाख नए जल कनेक्शनों की बात कही गई, जबकि अभी तक हुए 14 लाख कनेक्शन में से 10 लाख कनेक्शन कांग्रेस सरकार के समय जारी वर्क ऑर्डर से जुड़े हुए थे।
भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बजट को बताया दूरदर्शी रोडमैप
जहां विपक्ष बजट को सतही बता रहा है, वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसे विकसित राजस्थान के निर्माण का सशक्त और दूरदर्शी रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के आधारभूत ढांचे, सिंचाई, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। साथ ही उन्होंने बजट की कुछ बड़ी घोषणाओं का उल्लेख भी किया, जैसे:
42 हजार किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण
जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक कॉरिडोर के लिए 600 करोड़ की सहायता
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये तक बिना ब्याज सहायता
ग्रामीण महिला बीपीओ केंद्रों की स्थापना
महिला स्वयं सहायता समूहों की ऋण सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़
अगले वर्ष 50 हजार सोलर पंप लगाने की योजना
पारदर्शी भर्ती के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी स्थापना
राठौड़ का कहना है कि ये घोषणाएं आने वाले वर्षों में राजस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएँगी।
सचिन पायलट ने कहा—किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर पानी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सरकार के बजट को निराशाजनक बताया। उनका कहना है कि बजट में राज्य के किसानों, युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस योजना या राहत नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार के वित्तीय प्रबंधन की कमी के चलते राजस्व घाटा बढ़ा है, और आने वाले समय में सरकार को कर्ज लेना पड़ेगा, जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ेगा। पायलट ने कहा कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बजट धरातल पर उतरने वाला नहीं है। सरकार ने शब्दों और घोषणाओं के सहारे अपनी दो वर्षों की विफलताओं को छिपाने का प्रयास किया है।
मेंटल हेल्थ सेंटर को लेकर दिलावर और डोटासरा में तकरार
बजट में मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव शामिल होने के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच जुबानी तकरार भी देखने को मिली। डोटासरा ने कहा कि मानसिक रोग अस्पताल की आवश्यकता कई क्षेत्रों में है, लेकिन सबसे पहले इसे रामगंज मंडी में स्थापित किया जाना चाहिए, जो शिक्षा मंत्री दिलावर का क्षेत्र है।
जब मीडिया ने दिलावर से इस टिप्पणी पर सवाल किया, तो उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की जरूरत सबसे ज्यादा सीकर के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में है, जहां हाल ही में लोगों ने उनसे इसकी मांग की थी। दिलावर ने यह भी कहा कि वहां के कुछ जनप्रतिनिधियों में मानसिक असंतुलन की समस्या ज्यादा है, इसलिए उन्हें लगता है कि प्राथमिकता वहीं होनी चाहिए। डोटासरा ने इस पर कहा कि वह विषय पर गंभीर थे और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में निष्पक्ष सुझाव दे रहे थे।
बजट ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी
Rajasthan Budget 2026 को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार तेज हो रहा है। कांग्रेस जहां बजट को खोखला और गैर-योजनाबद्ध बता रही है, वहीं भाजपा इसे विकास का मजबूत आधार मान रही है। इस राजनीतिक घमासान के बीच आम जनता यह देख रही है कि आखिर इस बजट की घोषणाएं धरातल पर कितनी उतरती हैं। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि बजट की वादों में कितनी सच्चाई है और कितना यह वास्तव में राज्य को विकास के रास्ते पर ले जाता है।


