भारत में Android स्मार्टफोन सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं। UPI पेमेंट, ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया, ऑफिस वर्क और पर्सनल डेटा सब कुछ एक ही फोन में मौजूद होता है। यही वजह है कि साइबर अपराधियों के लिए Android फोन सबसे आसान टारगेट बन जाते हैं।
Android प्लेटफॉर्म पर थर्ड-पार्टी ऐप्स, mod APK, और अनजान लिंक पर क्लिक करने की आदत यूजर्स को खतरे में डाल देती है। कई बार यूजर को पता भी नहीं चलता और फोन चुपचाप Malware का शिकार हो जाता है।
Malware क्या होता है और कैसे नुकसान पहुंचाता है
Malware एक खतरनाक सॉफ्टवेयर होता है, जो बिना जानकारी के फोन में इंस्टॉल हो जाता है। यह आपके फोन से निजी डेटा चुरा सकता है, बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बना सकता है और आपकी गतिविधियों पर नजर रख सकता है।
कुछ Malware फोन को स्लो कर देते हैं, तो कुछ बैकग्राउंड में विज्ञापन दिखाकर डेटा और बैटरी दोनों खत्म कर देते हैं। Android फोन में यह खतरा ज्यादा इसलिए होता है क्योंकि लोग Play Store के बाहर से भी ऐप्स डाउनलोड कर लेते हैं।
फोन खुद देने लगता है खतरे के संकेत
अगर आपका Android फोन अचानक पहले से ज्यादा स्लो हो गया है, बिना इस्तेमाल के भी गर्म हो रहा है या बार-बार हैंग और क्रैश हो रहा है, तो यह सामान्य बात नहीं है।
इसके अलावा, अगर फोन इस्तेमाल न करने पर भी बैटरी तेजी से खत्म होने लगे या फोन अपने आप रिस्टार्ट होने लगे, तो यह Malware की मौजूदगी का संकेत हो सकता है।
फोन में मौजूद ऐप्स की करें जांच
अपने फोन की Settings में जाकर Apps या App Management सेक्शन खोलें। यहां सभी इंस्टॉल ऐप्स की लिस्ट ध्यान से देखें।
अगर कोई ऐसा ऐप दिखे जिसे आपने कभी डाउनलोड नहीं किया या जिसका नाम अजीब हो और काम भी समझ न आए, तो सतर्क हो जाएं।
Malware अक्सर खुद को फर्जी टूल, नकली अपडेट या साधारण फ्लैशलाइट ऐप के रूप में छुपा लेता है। किसी भी संदिग्ध ऐप का नाम इंटरनेट पर सर्च करके उसकी जानकारी जरूर जांचें।
परमिशन सेटिंग से भी पकड़ में आता है खतरा
Settings में जाकर Privacy और फिर Permission Manager खोलें। यहां देखें कि कौन-सा ऐप कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग या मैसेज की अनुमति मांग रहा है।
अगर कोई साधारण ऐप, जैसे कैलकुलेटर या टॉर्च, कॉल या मैसेज पढ़ने की परमिशन चाहता है तो यह साफ खतरे का संकेत है। ऐसे ऐप को तुरंत अनइंस्टॉल करना बेहतर होता है।
डेटा और पॉप-अप विज्ञापनों पर रखें नजर
Malware बैकग्राउंड में लगातार डेटा इस्तेमाल करता रहता है। Settings में Network & Internet के अंदर Data Usage चेक करें।
अगर कोई ऐप जरूरत से कहीं ज्यादा डेटा खर्च कर रहा है, तो सतर्क हो जाएं। इसके अलावा, बिना इंटरनेट चलाए भी अगर फोन में बार-बार पॉप-अप विज्ञापन आने लगें, तो यह एडवेयर की मौजूदगी का संकेत हो सकता है।
सिक्योरिटी ऐप क्यों है जरूरी
हर Android फोन में एक भरोसेमंद सिक्योरिटी या एंटीवायरस ऐप होना जरूरी है। हमेशा Google Play Store से ही ऐप्स डाउनलोड करें और Google Play Protect को ऑन रखें।
अनजान वेबसाइट से डाउनलोड किए गए सिक्योरिटी ऐप खुद Malware हो सकते हैं, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
जब मामला ज्यादा गंभीर हो जाए
अगर फोन अपने आप मैसेज भेजने लगे, कॉल करने लगे या बैंकिंग ऐप्स ठीक से काम न करें, तो तुरंत जरूरी पासवर्ड बदलें।
संदिग्ध ऐप्स हटाएं, फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट करें और जरूरत पड़े तो डेटा बैकअप लेकर फैक्ट्री रिसेट करना सबसे सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
थोड़ी सी सतर्कता और सही जानकारी से आप अपने Android फोन को हैकर्स से काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।


