मुस्लिम समुदाय के लिए रमजान इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पाक और मुबारक महीना माना जाता है। यह महीना सब्र, इबादत, आत्मसंयम और आत्मचिंतन का प्रतीक है। रमजान इस्लामिक चंद्र कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जिसमें रोजा रखना हर सक्षम मुसलमान पर फर्ज है।
रोजा केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह नफ्स यानी इच्छाओं पर नियंत्रण, बुरी आदतों से दूरी, सब्र की परीक्षा और अल्लाह की इबादत का विशेष समय होता है। इसी कारण रमजान का महीना मुसलमानों के लिए बेहद खास माना जाता है।
रमजान की शुरुआत चांद दिखने से होती है, जिसे चांद रात कहा जाता है। चांद नजर आते ही पूरे मुस्लिम समाज में खुशी का माहौल बन जाता है और लोग एक-दूसरे को चांद रात मुबारक या रमजान मुबारक कहकर बधाई देते हैं।
रमजान 2026 की चांद रात कब होगी
रमजान का महीना चंद्र कैलेंडर पर आधारित होता है, इसलिए इसकी शुरुआत चांद दिखाई देने पर ही तय होती है। मुस्लिम धार्मिक कैलेंडर और इस्लामिक वेबसाइट्स के अनुसार फरवरी 2026 में 19 फरवरी को रमजान का चांद नजर आने की संभावना जताई जा रही है।
आमतौर पर रमजान का चांद सबसे पहले सऊदी अरब के मक्का और आसपास के क्षेत्रों में देखा जाता है। इसके बाद भारत समेत अन्य देशों में चांद दिखाई देने या सऊदी अरब में चांद दिखने की पुष्टि के आधार पर रमजान की शुरुआत तय की जाती है।
यदि भारत में 19 फरवरी की शाम को चांद दिखाई देता है, तो उसी दिन चांद रात होगी। वहीं अगर भारत में चांद नजर नहीं आता है, लेकिन सऊदी अरब या अन्य इस्लामिक देशों में चांद दिख जाता है, तो भारत में अगले दिन रमजान की शुरुआत मानी जाती है।
पहला रोजा किस दिन रखा जाएगा
रमजान का चांद नजर आते ही रोजा रखने की घोषणा कर दी जाती है। चांद दिखाई देने के अगले दिन से ही रोजा रखा जाता है। मौजूदा अनुमान के अनुसार, यदि 19 फरवरी 2026 को चांद दिखाई देता है, तो रमजान का पहला रोजा 20 फरवरी 2026 को रखा जाएगा।
हालांकि यह तारीख पूरी तरह संभावित है। रमजान के चांद की आधिकारिक पुष्टि चांद दिखने के बाद ही की जाती है। स्थानीय धार्मिक समितियां और चांद देखने वाली कमेटियां चांद नजर आने के बाद ही अंतिम घोषणा करती हैं।
कितने दिनों का होता है रमजान
रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का होता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि अगले महीने शव्वाल का चांद कब दिखाई देता है। रमजान के पूरा होते ही ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है, जो खुशी, भाईचारे और फितरा अदा करने का दिन होता है।
रमजान का इंतजार और आध्यात्मिक माहौल
रमजान के महीने का मुसलमानों को पूरे साल बेसब्री से इंतजार रहता है। यह महीना इबादत, कुरान की तिलावत, तरावीह की नमाज और जरूरतमंदों की मदद के लिए खास माना जाता है।
कुल मिलाकर, रमजान 2026 की चांद रात 19 फरवरी को होने की संभावना है और पहला रोजा 20 फरवरी को रखा जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला चांद नजर आने के बाद ही किया जाएगा।


