राजस्थान के अजमेर शहर में एक अहम प्रशासनिक और सांस्कृतिक निर्णय लेते हुए क्रिश्चियन पुलिस थाना और चौकी का नाम बदल दिया गया है। अब यह थाना और चौकी “कृष्णगंज” के नाम से जानी जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के निर्देश पर गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले को क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग और सनातन संस्कृति की पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष की पहल से आया निर्णय
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने क्षेत्र के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस विषय को गंभीरता से लिया था। उन्होंने पुलिस विभाग और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू करवाई। इसके बाद गृह विभाग के महानिरीक्षक दीपक कुमार की ओर से क्रिश्चियन पुलिस थाना और चौकी का नाम बदलकर कृष्णगंज किए जाने के आदेश जारी किए गए। देवनानी का कहना है कि शहर के इतिहास और उसके विकास में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों और सांस्कृतिक मूल्यों को उचित सम्मान मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है, जो भविष्य में भी जारी रहेगी।
क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग
क्रिश्चियन थाना क्षेत्र के निवासियों की यह मांग लंबे समय से चली आ रही थी कि क्षेत्र का नाम उसकी सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप होना चाहिए। क्षेत्रवासियों का मानना था कि गुलामी की मानसिकता के प्रतीक नामों को बदलकर भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़े नाम अपनाए जाने चाहिए।
इस मांग को ध्यान में रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद नाम परिवर्तन की अधिसूचना जारी की गई।
पहले भी बदले गए हैं गुलामी के प्रतीक नाम
अजमेर में इससे पहले भी कई स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं, जिन्हें गुलामी की मानसिकता का प्रतीक माना जाता था। फॉयसागर का नाम बदलकर वरुण सागर किया गया, वहीं किंग एडवर्ड मेमोरियल को महर्षि दयानंद विश्रांति गृह नाम दिया गया। इसी तरह होटल खादिम का नाम बदलकर होटल अजयमेरू किया गया। इसके अलावा शहर में बनी एलिवेटेड रोड का नामकरण ‘रामसेतु’ किया गया, जिसका विधिवत अनावरण विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने किया था।
कृष्ण नाम का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व
कृष्ण नाम भारतीय सनातन संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। यह नाम प्रेम, करुणा, नीति, धर्म और राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक माना जाता है। कृष्णगंज नाम से क्षेत्र को न केवल नई पहचान मिलेगी, बल्कि यह स्थानीय लोगों की आस्था और सांस्कृतिक भावनाओं को भी मजबूती देगा। नाम परिवर्तन को जनभावनाओं के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
आधिकारिक रिकॉर्ड में होगा बदलाव
नाम परिवर्तन के बाद पुलिस विभाग के सभी अभिलेखों, साइन बोर्डों, शासकीय दस्तावेजों और आधिकारिक संचार माध्यमों में नया नाम “कृष्णगंज” अंकित किया जाएगा। इससे प्रशासनिक कामकाज में एकरूपता बनी रहेगी और किसी तरह का भ्रम नहीं होगा।
कानून व्यवस्था की दृष्टि से अहम थाना क्षेत्र
उल्लेखनीय है कि कृष्णगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत अजमेर शहर की लगभग एक लाख 50 हजार आबादी आती है। यह थाना क्षेत्र कई किलोमीटर के विस्तृत इलाके में फैला हुआ है और कानून व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। नाम परिवर्तन के बावजूद थाना क्षेत्र की जिम्मेदारियों और सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा, बल्कि प्रशासनिक पहचान और सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत होगा।
सांस्कृतिक पहचान को मिली मजबूती
कुल मिलाकर, क्रिश्चियन पुलिस थाना और चौकी का नाम बदलकर कृष्णगंज किया जाना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे अजमेर की पहचान उसके गौरवशाली अतीत, सांस्कृतिक मूल्यों और जनभावनाओं से और अधिक मजबूती से जुड़ सकेगी।


