राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को लेकर एक सख्त चेतावनी जारी की है। आयोग ने साफ कर दिया है कि अब बिना तैयारी के केवल “ट्रायल” के तौर पर आवेदन करना और परीक्षा में अनुपस्थित रहना अभ्यर्थियों के लिए महंगा साबित हो सकता है। ऐसे उम्मीदवारों का वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) ब्लॉक किया जाएगा, जिससे वे भविष्य की भर्तियों में आवेदन नहीं कर पाएंगे। RPSC का कहना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी केवल यह देखने के लिए फॉर्म भर देते हैं कि चयन प्रक्रिया कैसी होती है, लेकिन परीक्षा के दिन उपस्थित नहीं होते। इससे न केवल परीक्षा व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, बल्कि वास्तव में गंभीर उम्मीदवारों को भी नुकसान होता है।
दो बार अनुपस्थित रहने पर होगा OTR ब्लॉक
कार्मिक विभाग द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, यदि कोई अभ्यर्थी एक ही वित्तीय वर्ष में आयोजित दो अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में अनुपस्थित रहता है, तो उसकी OTR सुविधा तुरंत ब्लॉक कर दी जाएगी। OTR ब्लॉक होने का मतलब है कि अभ्यर्थी किसी भी नई भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर पाएगा, जब तक वह इसे दोबारा सक्रिय नहीं कराता। OTR को दोबारा शुरू कराने के लिए अभ्यर्थी को 750 रुपये का शुल्क जमा कराना होगा। वहीं, यदि उसी वित्तीय वर्ष में वह फिर दो और परीक्षाओं में अनुपस्थित रहता है, तो दोबारा OTR बहाल कराने के लिए 1500 रुपये शुल्क देना पड़ेगा। इस तरह बार-बार गैरहाजिर रहने पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता जाएगा।
किन भर्तियों के संदर्भ में दी गई जानकारी
RPSC ने यह चेतावनी पशु चिकित्सा अधिकारी (Veterinary Officer) के 1100 पदों और सहायक कृषि अभियंता (Assistant Agriculture Engineer) भर्ती-2025 के संदर्भ में जारी की है। इन दोनों भर्तियों की लिखित परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने वाले उम्मीदवारों पर नए नियम सख्ती से लागू किए जाएंगे। आयोग का मानना है कि बिना गंभीर इरादे के आवेदन करने से परीक्षा केंद्रों की संख्या, प्रश्नपत्रों की छपाई और प्रशासनिक संसाधनों पर अनावश्यक खर्च बढ़ता है। इसी वजह से अब ऐसे अभ्यर्थियों पर नियंत्रण के लिए यह कदम उठाया गया है।
सुधार और आवेदन वापसी का अवसर
RPSC ने अभ्यर्थियों को एक राहत भी दी है। यदि किसी उम्मीदवार ने गलती से आवेदन कर दिया है या अब वह परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहता, तो उसे आवेदन में सुधार या आवेदन वापस लेने का मौका दिया जाएगा।
आयोग के अनुसार 11 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक अभ्यर्थी अपने आवेदन में सुधार कर सकते हैं। हालांकि, नाम, फोटो, पिता का नाम और जेंडर को छोड़कर ही अन्य जानकारियों में बदलाव संभव होगा।
इस अवधि में जो अभ्यर्थी पात्र नहीं हैं या परीक्षा नहीं देना चाहते, वे अपना आवेदन वापस ले सकते हैं। इससे उन्हें OTR ब्लॉक होने या भविष्य में किसी तरह की कार्रवाई से बचने का मौका मिलेगा।
गलत जानकारी देने पर सख्त कार्रवाई
RPSC ने यह भी साफ किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी अपात्र होने के बावजूद आवेदन वापस नहीं लेता या जानबूझकर गलत जानकारी देता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में उम्मीदवार को भविष्य की भर्तियों से डिबार किया जा सकता है, यानी वह कुछ समय तक या स्थायी रूप से RPSC की परीक्षाओं में भाग नहीं ले पाएगा। आयोग का कहना है कि यह कदम अभ्यर्थियों में जिम्मेदारी और गंभीरता लाने के लिए जरूरी है, ताकि केवल वही उम्मीदवार आवेदन करें जो वास्तव में परीक्षा देने के इच्छुक और पात्र हों।
क्यों जरूरी था यह फैसला
पिछले कुछ वर्षों में RPSC की परीक्षाओं में आवेदन करने वाले और परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला है। कई भर्तियों में लाखों आवेदन आते हैं, लेकिन परीक्षा के दिन बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं। इससे परीक्षा संचालन की लागत बढ़ती है और चयन प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। नए नियमों के जरिए आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि केवल गंभीर और तैयार उम्मीदवार ही आवेदन करें।
अभ्यर्थियों के लिए क्या है संदेश
RPSC की इस चेतावनी से साफ है कि अब भर्ती परीक्षाओं को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले अपनी तैयारी, पात्रता और परीक्षा में शामिल होने की वास्तविक मंशा पर गंभीरता से विचार करना होगा। यदि आप परीक्षा देने के लिए तैयार नहीं हैं, तो आवेदन वापस लेने का विकल्प अपनाना ही बेहतर होगा। इससे न केवल आपका OTR सुरक्षित रहेगा, बल्कि भविष्य की भर्तियों में भी कोई परेशानी नहीं आएगी।


