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राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा कौन पाता है और कैसे? पूरा प्रक्रिया समझें

राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा कौन पाता है और कैसे? पूरा प्रक्रिया समझें

भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है, जहाँ बहुदलीय व्यवस्था राजनीतिक विविधता को मजबूत बनाती है। इस व्यवस्था में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि कानूनी अधिकारों, राजनीतिक विश्वसनीयता और संगठनात्मक लाभों का महत्वपूर्ण संकेतक है। किसी भी राजनीतिक संगठन को यह विशेष मान्यता देने का अधिकार भारत के चुनाव आयोग के पास है, जिसने समय के साथ स्पष्ट और मापने योग्य मानदंड तय किए हैं। जानिए, राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए किन शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।

चार राज्यों में राज्य पार्टी बनने की शर्त

राष्ट्रीय पार्टी बनने के प्रमुख रास्तों में से एक है, कई राज्यों में मजबूत जमीनी उपस्थिति का विस्तार। यदि किसी राजनीतिक दल को कम से कम चार अलग-अलग राज्यों में राज्य पार्टी के रूप में मान्यता मिल जाती है, तो वह स्वचालित रूप से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के योग्य हो जाता है।
यह मान्यता दिखाती है कि पार्टी केवल क्षेत्रीय मुद्दों तक सीमित नहीं, बल्कि कई राज्यों में उसकी पहचान और समर्थन है।

लोकसभा में प्रदर्शन की अनिवार्यता

दूसरी महत्वपूर्ण शर्त लोकसभा चुनावों में प्रदर्शन से संबंधित है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, यदि कोई राजनीतिक पार्टी लोकसभा की कुल सीटों का कम से कम 2 प्रतिशत जीत लेती है और ये सीटें कम से कम तीन अलग-अलग राज्यों से आती हैं, तो उसे राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता दी जा सकती है।
यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि पार्टी का जनाधार विविध राज्यों में फैला हो और उसकी अपील किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रहे।

वोट शेयर का मानदंड और संसदीय उपस्थिति

तीसरी शर्त वोट शेयर और संसदीय सफलता के संयोजन पर आधारित है। यदि कोई पार्टी चार या अधिक राज्यों में लोकसभा या विधानसभा चुनावों में कुल वैध वोटों का कम से कम 6 प्रतिशत हासिल करती है और साथ ही कम से कम चार लोकसभा सीट जीतती है, तब भी वह राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता के लिए योग्य हो जाती है।
यह मानदंड इस बात को दर्शाता है कि पार्टी को व्यापक स्तर पर मतदाता समर्थन प्राप्त है।

स्थायी चुनाव चिन्ह का बड़ा फायदा

राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के साथ ही संगठन को एक स्थायी और विशेष चुनाव चिन्ह मिलता है, जो पूरे देश में मान्य होता है। यह चिन्ह किसी अन्य पार्टी को आवंटित नहीं किया जा सकता। इससे मतदाताओं के लिए पार्टी की पहचान सरल और स्पष्ट बनती है।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और मतपत्रों पर एक समान चिन्ह होने से पार्टी की दृश्यता और विश्वसनीयता भी बढ़ती है।

उम्मीदवारों के लिए सरल नामांकन प्रक्रिया

राष्ट्रीय पार्टी बनने का एक और बड़ा लाभ चुनावी प्रक्रियाओं में आसानी है। उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करते समय ज्यादा प्रस्तावकों की आवश्यकता नहीं होती—एक ही प्रस्तावक पर्याप्त है। इसके अलावा, राष्ट्रीय पार्टियों को 40 स्टार प्रचारक नियुक्त करने की अनुमति मिलती है, और इनके यात्रा एवं प्रचार खर्च को व्यक्तिगत उम्मीदवारों के खर्च में नहीं जोड़ा जाता।

किसी भी राजनीतिक संगठन के लिए राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करना केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि उसकी संगठनात्मक क्षमता, जन समर्थन और चुनावी मजबूती का प्रमाण है। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित ये मानदंड सुनिश्चित करते हैं कि केवल वही संगठन राष्ट्रीय पहचान प्राप्त करें, जिनका प्रभाव सच में कई राज्यों और विभिन्न सामाजिक समूहों में फैला हो।

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