भारत में कई शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, खानपान और संस्कृति के लिए जाने जाते हैं, लेकिन तमिलनाडु के नीलगिरी पहाड़ों में बसा ऊटी एक ऐसा शहर है जिसकी पहचान उसकी मीठी खुशबू और हाथ से बनी चॉकलेट्स से बन चुकी है। यही कारण है कि यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच इसे अक्सर चॉकलेट टाउन ऑफ इंडिया कहा जाता है। यह कोई आधिकारिक उपाधि नहीं, बल्कि वर्षों के अनुभव और लोकप्रियता से उपजा हुआ नाम है।
नीलगिरी की वादियों में चॉकलेट संस्कृति की शुरुआत
ऊटी में चॉकलेट बनाने की परंपरा अचानक शुरू नहीं हुई। जब पर्यटन बढ़ा, तब स्थानीय परिवारों ने घर पर ही छोटे पैमाने पर चॉकलेट बनानी शुरू की। उस समय न कोई बड़े ब्रांड थे और न ही फैक्ट्रियां। लोग दूध, कोको और मेवों से चॉकलेट तैयार करके दुकानों में बेचते थे।
धीरे-धीरे ये हैंडमेड चॉकलेट्स पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा उपहार बन गईं और ऊटी का नाम चॉकलेट से जुड़ता चला गया।
ऊटी का मौसम चॉकलेट बनाने के लिए कैसे अनुकूल है?
ऊटी का ठंडा और सुहावना मौसम चॉकलेट उत्पादन के लिए स्वाभाविक रूप से उपयुक्त है। यहाँ तापमान पूरे साल समान रहता है, जिससे चॉकलेट जल्दी पिघलती नहीं।
इससे स्थानीय कारीगर बिना ज्यादा मशीनों के भी उच्च गुणवत्ता की चॉकलेट तैयार कर लेते हैं। यह प्राकृतिक लाभ ऊटी को देश के अन्य शहरों से अलग बनाता है।
स्थानीय सामग्री से मिलता है रिच और ताज़ा स्वाद
नीलगिरी क्षेत्र डेयरी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ का ताज़ा दूध, क्रीम और स्थानीय सामग्री चॉकलेट को विशेष रूप से स्वादिष्ट बनाते हैं।
इसी वजह से ऊटी की चॉकलेट्स बड़े ब्रांड्स की तुलना में ज्यादा रिच, फ्रेश और घरेलू स्वाद वाली मानी जाती हैं।
ऊटी की मशहूर चॉकलेट की किस्में
ऊटी में मिलने वाली चॉकलेट्स बेहद विविधतापूर्ण हैं। इनमें शामिल हैं:
मिल्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट
नट्स वाली चॉकलेट
रम फ्लेवर
फ्रूट एंड नट
ट्रफल और क्रीम आधारित चॉकलेट
हर दुकान पर इनका एक अलग देसी और पारंपरिक तरीका होता है, जो इन्हें खास बनाता है।
चॉकलेट दुकानों की खुशबू बन गई शहर की पहचान
ऊटी के मुख्य बाजार और पर्यटक क्षेत्रों में सैकड़ों छोटी-छोटी चॉकलेट दुकानों की श्रृंखला देखने को मिलती है।
कांच के काउंटरों में सजी चॉकलेट्स और दुकानों में फैली खुशबू हर आने वाले को अपनी ओर खींच लेती है।
कई दुकानों में पर्यटक चॉकलेट बनते हुए भी देख सकते हैं, जिससे खरीदारी और भी दिलचस्प बन जाती है।


