प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नए आवासों को मंजूरी दी गई है। हाल ही में शहरी विकास कार्य मंत्रालय ने लोकसभा में दी गई जानकारी में बताया कि राज्य में कुल 55,667 नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह योजना शहरी गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इन स्वीकृत आवासों का पंजीकरण मुख्य रूप से परिवार की महिला मुखिया के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देकर उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
कमजोर वर्गों को प्राथमिकता
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का फोकस समाज के सबसे कमजोर तबकों पर है। इसमें विधवाएं, अकेले रहने वाली महिलाएं, दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का मानना है कि सिर्फ आवास देना ही काफी नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना भी उतना ही जरूरी है।
बीकानेर ने मारी बाजी
राज्य के जिलों के बीच विकास की इस दौड़ में बीकानेर जिला सबसे आगे निकलकर सामने आया है। बीकानेर में अकेले 8,094 आवासों को स्वीकृति मिली है, जो पूरे राजस्थान में सबसे ज्यादा है।
इसके बाद जयपुर में 6,296 आवास, अजमेर में 2,348 और दौसा में 1,934 आवासों को मंजूरी दी गई है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि शहरी क्षेत्रों में आवास की मांग तेजी से बढ़ रही है और सरकार उसे पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।
‘अंगीकार 2025’ अभियान बना गेम-चेंजर
पीएम आवास योजना को जमीन पर उतारने में ‘अंगीकार 2025’ अभियान को अहम माना जा रहा है। सितंबर और अक्टूबर 2025 के दौरान चले इस विशेष अभियान में अधिकारी दफ्तरों से बाहर निकलकर सीधे लोगों तक पहुंचे।
शहरी स्थानीय निकायों ने गली-मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाए और आवास मेलों का आयोजन किया। इन मेलों में पात्र लोगों का मौके पर ही रजिस्ट्रेशन और सत्यापन किया गया, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आई और स्वीकृतियों की रफ्तार तेज हुई।
लक्ष्य बड़ा, बजट भी मजबूत
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी मिशन 2.0 के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर में 1 करोड़ अतिरिक्त परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 15,538 करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान किया है।
राज्यों को योजना शुरू करने के लिए पहली किस्त के रूप में 4,670 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है, जिससे निर्माण कार्यों को गति मिल सके।
पिछले वर्षों में आवास स्वीकृति का ट्रेंड
राजस्थान में पिछले एक दशक में पीएम आवास योजना के तहत लगातार बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत हुए हैं। वर्ष 2022-23 में सबसे अधिक 86,107 आवासों को मंजूरी मिली थी। यह आंकड़े बताते हैं कि राज्य में शहरी आवास योजना लगातार विस्तार कर रही है और हजारों परिवारों का घर का सपना साकार हो रहा है।


