राजस्थानदेशब्लॉग्स

सेना की गाड़ियों पर क्यों लगे होते हैं स्टार, जानिए इनका मतलब

सेना की गाड़ियों पर क्यों लगे होते हैं स्टार, जानिए इनका मतलब

सड़क पर जब कोई सैन्य वाहन गुजरता है और उस पर चमकते हुए स्टार दिखाई देते हैं, तो यह सामान्य गाड़ियों से अलग तुरंत पहचाना जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि सेना की गाड़ियों पर ये स्टार क्यों लगाए जाते हैं और क्या इनका संबंध अफसरों की वर्दी पर लगे स्टार से होता है।
दरअसल, भारतीय सेना के वाहनों पर लगे स्टार केवल प्रतीक या सजावट नहीं हैं, बल्कि ये पद, जिम्मेदारी और आधिकारिक पहचान से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण संकेत होते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य सैन्य अनुशासन, सुरक्षा और प्रोटोकॉल को बनाए रखना है।

सैन्य वाहनों की पहचान में स्टार की भूमिका

भारतीय सेना में हर व्यवस्था एक तय नियम और प्रोटोकॉल के तहत चलती है। वाहनों पर लगाए जाने वाले स्टार यह स्पष्ट करते हैं कि वाहन किसी वरिष्ठ अधिकारी के लिए अधिकृत है और वह आधिकारिक ड्यूटी पर उपयोग में लिया जा रहा है।
यह पहचान सुरक्षा एजेंसियों, ट्रैफिक पुलिस और अन्य सैन्य इकाइयों के लिए भी जरूरी होती है, ताकि उन्हें तुरंत यह समझ में आ जाए कि वाहन किस स्तर के अधिकारी से जुड़ा है और उसे किस तरह का प्रोटोकॉल देना है।

वर्दी के स्टार और वाहन के स्टार में अंतर

अक्सर यह भ्रम रहता है कि वाहन पर लगा स्टार और वर्दी पर लगा स्टार एक ही चीज को दर्शाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। वर्दी पर लगे स्टार स्थायी रूप से अधिकारी की रैंक बताते हैं, जैसे लेफ्टिनेंट, मेजर, कर्नल या जनरल।
वहीं वाहन पर लगा स्टार परिस्थिति पर निर्भर करता है। यदि कोई अधिकारी यूनिफॉर्म में है और आधिकारिक ड्यूटी पर वाहन का उपयोग कर रहा है, तभी वाहन पर स्टार लगाया जाता है। अधिकारी के वाहन से उतरते ही या ऑफ-ड्यूटी होने पर यह स्टार हटा दिया जाता है।

किन अधिकारियों की गाड़ियों पर स्टार लगाने की अनुमति होती है

भारतीय सेना में आमतौर पर कर्नल से ऊपर के रैंक के अधिकारियों को वाहन पर स्टार लगाने की अनुमति होती है। इसमें ब्रिगेडियर, मेजर जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल और जनरल जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की पहचान तुरंत हो सके और सुरक्षा से जुड़े निर्णय तेजी से लिए जा सकें।

कितने स्टार, किस रैंक का संकेत

सेना में स्टार की संख्या अधिकारी की रैंक को दर्शाती है।
चार स्टार चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ, नौसेना के एडमिरल और वायुसेना के एयर चीफ मार्शल के वाहनों पर लगाए जाते हैं।
तीन स्टार लेफ्टिनेंट जनरल, वाइस एडमिरल और एयर मार्शल की पहचान होते हैं।
दो स्टार मेजर जनरल, रियर एडमिरल और एयर वाइस मार्शल के लिए होते हैं।
एक स्टार ब्रिगेडियर, कमोडोर और एयर कमोडोर की गाड़ियों पर लगाया जाता है।
कई बार इन स्टार के साथ छोटा झंडा भी होता है, जो संबंधित सेवा शाखा की पहचान बताता है।

नंबर प्लेट पर बना तीर क्या दर्शाता है

सैन्य वाहनों की नंबर प्लेट पर बना तीर का निशान, जिसे ब्रॉड एरो कहा जाता है, यह संकेत देता है कि वाहन भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय की संपत्ति है। यह चिन्ह ब्रिटिश काल से चला आ रहा है और आज भी सरकारी स्वामित्व की आधिकारिक पहचान माना जाता है।

कुल मिलाकर, सेना की गाड़ियों पर लगे स्टार अनुशासन, पद और जिम्मेदारी के प्रतीक हैं, जो भारतीय सशस्त्र बलों की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली को दर्शाते हैं।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading