राजस्थान में एक बार फिर गांवों की सरकार चुनने का समय करीब आ गया है। वर्ष 2026 के पंचायत चुनाव कई मायनों में पिछले चुनावों से बिल्कुल अलग होने जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान प्रक्रिया, पात्रता शर्तों, आरक्षण व्यवस्था और मतदाता सूची को लेकर कई अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर मतदाताओं, उम्मीदवारों और ग्रामीण प्रशासन की व्यवस्था पर पड़ेगा।
1. नए मतदाताओं को बड़ा मौका: 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष होने वाले भी कर सकेंगे मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा मतदाता भी इस बार वोट डाल सकेंगे। यह कदम गांवों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई मतदाता सूची इसी योग्यता तिथि के आधार पर तैयार हो रही है।
2. पंचायत चुनाव 2026 का संभावित कार्यक्रम
उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग को 15 अप्रैल 2026 तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी है। इसके आधार पर संभावित कार्यक्रम इस प्रकार है:
मतदाता सूची अपडेट प्रक्रिया
– विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची को आधार मानकर नई पंचायत वोटर लिस्ट तैयार की जा रही है।
– 1 जनवरी 2026 तक पात्रता रखने वाले सभी नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा रहे हैं।
चरणबद्ध चुनाव
राज्य की 14,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में चुनाव मार्च–अप्रैल 2026 के बीच चरणों में कराए जाने की संभावना है।
3. सबसे बड़ा बदलाव: बैलेट पेपर और EVM का हाइब्रिड मॉडल
2026 के पंचायत चुनावों में मतदान का तरीका अब तक के चुनावों से काफी अलग होगा।
बैलेट पेपर से मतदान
पंच और सरपंच के चुनाव
– बैलेट पेपर
– मतपेटी
– पारंपरिक मुहर का उपयोग
EVM सिस्टम को हटाकर पुराने तरीके की वापसी का मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता और समझ को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
EVM से मतदान
जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्य
– पहले की तरह EVM से चुनाव
– दोहरी प्रक्रिया को आयोग ने ‘हाइब्रिड मॉडल’ नाम दिया है
4. उम्मीदवारों की योग्यता: कौन लड़ सकता है पंचायत चुनाव?
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए नियम पहले की तरह कड़े रखे गए हैं।
न्यूनतम आयु
– पंच और सरपंच दोनों पदों के लिए कम से कम 21 वर्ष अनिवार्य।
शैक्षिक योग्यता
– पिछली सरकार ने शैक्षिक योग्यता संबंधी नियमों में ढील दी थी।
– वर्तमान में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं है, पर उम्मीदवार का नाम उसी पंचायत की मतदाता सूची में होना जरूरी है।
दो से अधिक बच्चों के नियम पर स्थिति
– दो संतान नीति अभी भी प्रभावी है।
– इसे हटाने पर चर्चा कई बार हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई नया कानून पारित नहीं हुआ है।
– यानी 27 नवंबर 1995 के बाद तीसरी संतान होने पर उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकेगा।
घर में शौचालय अनिवार्य
– कार्यात्मक शौचालय का होना जरूरी
– परिवार के सदस्यों द्वारा खुले में शौच न जाना भी शर्त में शामिल
5. पंचायत चुनाव 2026: आरक्षण व्यवस्था
राजस्थान में पंचायत चुनावों में आरक्षण रोटेशन प्रणाली के तहत तय किया जाता है।
महिला आरक्षण
– कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी।
SC, ST, OBC के लिए आरक्षण
– राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लॉटरी प्रणाली से तय किया जा रहा है कि कौन-सी पंचायत किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी।
– यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जाती है।
6. मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
मतदाताओं को मतदान दिवस पर अपनी पहचान सिद्ध करना जरूरी है।
यदि वोटर आईडी नहीं है
राज्य निर्वाचन आयोग ने 12 वैकल्पिक पहचान पत्र मान्य किए हैं, जैसे:
– आधार कार्ड
– पैन कार्ड
– मनरेगा जॉब कार्ड
– पासपोर्ट
– बैंक पासबुक आदि
मतदाता इनमें से किसी भी पहचान पत्र का उपयोग करके मतदान कर सकता है।
7. जनगणना-2027 का पंचायत चुनाव पर असर?
हाल ही शुरू हुई जनगणना-2027 प्रक्रिया का पंचायत चुनाव 2026 पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। मतदाता सूची विधानसभा चुनाव डेटाबेस के आधार पर अपडेट की जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हो सके। राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 कई महत्वपूर्ण परिवर्तनों के साथ आ रहा है। बैलेट पेपर और EVM का मिश्रित मॉडल, योग्यता नियमों की स्पष्टता, नई मतदाता सूची और आरक्षण व्यवस्था इन चुनावों को पहले से ज्यादा संवेदनशील और व्यवस्थित बनाती है। युवाओं की बढ़ती भागीदारी, स्थानीय नेतृत्व के उभरने और गांवों की सरकार को मजबूत करने की दिशा में यह चुनाव अहम भूमिका निभाएगा।


