राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट मंगलवार देर शाम एक शोकसभा में शामिल होने जा रहे थे, तभी रास्ते में एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने राजनीतिक शिष्टाचार और सामाजिक संवेदनशीलता पर चर्चा को जन्म दे दिया। बानसूर कस्बे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए स्वागत के दौरान पटाखे चलाए गए, जिस पर सचिन पायलट ने तुरंत नाराजगी जाहिर की और कार्यकर्ताओं को ऐसा न करने की सख्त नसीहत दी।
पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना की शोकसभा में जा रहे थे पायलट
दरअसल, सचिन पायलट अलवर जिले के किशनगढ़बास क्षेत्र में पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना के निधन पर आयोजित शोकसभा में शामिल होने जा रहे थे। यह यात्रा पूरी तरह शोक और संवेदना व्यक्त करने के उद्देश्य से थी। इसी दौरान उनका काफिला बानसूर कस्बे में स्वास्तिया हनुमान मंदिर के पास पहुंचा, जहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
स्वागत के दौरान लगे नारे, चले पटाखे
पायलट के पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “पायलट जिंदाबाद” के नारे लगाए और जोश में आकर कुछ कार्यकर्ताओं ने पटाखे भी चला दिए। हालांकि आमतौर पर राजनीतिक नेताओं के स्वागत में इस तरह के आयोजन देखने को मिलते हैं, लेकिन शोकसभा के संदर्भ में यह व्यवहार अनुचित माना गया।
सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं को समझाया
पटाखों की आवाज सुनते ही सचिन पायलट ने गाड़ी रुकवाई और कार्यकर्ताओं से सीधे शब्दों में बात की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के निधन पर आयोजित शोकसभा में जा रहे हैं और ऐसे समय में पटाखे चलाना गलत है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यहां रुककर राम-राम करना और संवेदना जताना अलग बात है, लेकिन शोक के माहौल में उत्सव जैसा व्यवहार ठीक नहीं है।
पायलट ने यह भी कहा कि वह दोबारा इस क्षेत्र में आ सकते हैं, लेकिन इस तरह का स्वागत न किया जाए। उनके शब्दों में साफ तौर पर सामाजिक मर्यादा और संवेदनशीलता का संदेश था।
कार्यकर्ताओं ने मानी गलती
सचिन पायलट की बात सुनने के बाद मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने आगे से इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं करने का आश्वासन दिया और शोकसभा की गंभीरता को समझने की बात कही।
कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर पूर्व उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, ब्लॉक अध्यक्ष भीम सिंह गुर्जर, रणबीर डोई, सांवत चनेजा, मुकेश सैनी, राजेश सैनी, सरजीत यादव, रामस्वरूप मुक्कड़, भूप ठेकेदार, महेन्द्र पहलवान, रामसिंह बैंसला और महेन्द्र ढाकला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


