राजस्थान के पुष्कर कस्बे में टूरिस्ट वीजा पर रह रहे दो ब्रिटिश नागरिकों द्वारा संदिग्ध पोस्टर चिपकाए जाने का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीआईडी (विशेष शाखा) और विदेशी पंजीकरण कार्यालय ने दोनों को वीजा शर्तों के उल्लंघन का दोषी पाया है। इसके बाद उन्हें ‘लीव इंडिया नोटिस’ जारी कर तुरंत देश छोड़ने के निर्देश दे दिए गए।
ब्रिटिश नागरिकों की पहचान और गतिविधि का खुलासा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं विदेशी पंजीकरण अधिकारी राजेश मीणा ने बताया कि यूके के नागरिक लुईस गैब्रियल और उनकी साथी डी अनुएशी एम्मा क्रिस्टीन 16 दिसंबर को पुष्कर पहुंचे थे और इमली मोहल्ला स्थित एक गेस्ट हाउस में रह रहे थे।
21 जनवरी को कस्बे के 2–3 स्थानों पर फिलिस्तीन समर्थित और इजरायल विरोधी स्टीकर लगाए जाने की जानकारी पुलिस को मिली। सीआईडी यूनिट पुष्कर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन स्टीकरों को हटवाया।
जांच में सामने आया स्टीकर लगाने का सच
तफ्तीश के दौरान यह साफ हुआ कि ये सभी स्टीकर इन्हीं दोनों ब्रिटिश नागरिकों ने लगाए थे। मीणा के अनुसार, टूरिस्ट वीजा पर रहते हुए किसी भी राजनीतिक गतिविधि में शामिल होना भारतीय वीजा नियमों का सीधा उल्लंघन है। किसी तीसरे देश के पक्ष या विरोध में प्रचार करना भी कानून के तहत प्रतिबंधित है।
इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत कार्रवाई
अधिकारी ने बताया कि वीजा शर्तों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए दोनों विदेशी नागरिकों पर इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत कार्रवाई की गई।
2 फरवरी को दोनों को औपचारिक रूप से लीव इंडिया नोटिस जारी किया गया, जिसके अनुसार उन्हें निर्धारित समय सीमा में भारत छोड़ना होगा।
CID की सख्त निगरानी, चेतावनी भी जारी
सीआईडी अधिकारियों ने बताया कि पुष्कर में विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे लोग जो वीजा शर्तों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन्हें न केवल डिपोर्ट किया जाएगा बल्कि भविष्य में ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा, ताकि वे दोबारा भारत में प्रवेश न कर सकें।
क्यों है मामला संवेदनशील?
पुष्कर में इजरायल का धार्मिक स्थल बेदखबाद स्थित है, जहां बड़ी संख्या में इजरायली पर्यटक आते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि या विवादित सामग्री फैलाना स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशील माना जाता है। इसी वजह से पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले को नियंत्रित किया।


