राजस्थान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा में किए गए बदलावों को लेकर विरोध तेज हो गया है। सोमवार को सिविल सोसाइटी की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। राजधानी जयपुर में हुए प्रदर्शन में मनरेगा से जुड़े मजदूरों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
शहीद स्मारक पर जुटे मजदूर और सामाजिक संगठन
जयपुर में शहीद स्मारक पर आयोजित विरोध कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय विशेष रूप से मौजूद रहीं। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी समाज से जुड़े मजदूर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने पारंपरिक गीतों और नृत्यों के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया, जिससे यह प्रदर्शन एक सांस्कृतिक रूप में भी सामने आया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जताया विरोध
आदिवासी समाज के मजदूरों ने पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सरकार के फैसलों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही एक रैली भी निकाली गई, जिसमें अलग-अलग संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए जीवन रेखा है और इसमें किसी भी तरह का बदलाव उनके अधिकारों पर सीधा हमला है।
अरुणा राय ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय ने कहा कि सरकार गरीब मजदूरों के अधिकारों को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी योजना ने करोड़ों ग्रामीणों को रोजगार और सम्मान दिया है, लेकिन अब इसमें बदलाव कर इसकी मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है। अरुणा राय ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपने फैसले वापस नहीं लिए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि हालिया बजट में भी गरीब मजदूरों और ग्रामीणों के हितों के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है, जिससे सरकार की मंशा साफ नजर आती है।
‘जी राम जी’ बिल के खिलाफ देशभर में विरोध
मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका समाश्रण (ग्रामीण) गारंटी योजना’ किए जाने और उसमें संशोधन को लेकर देशभर में विरोध हो रहा है। इसे लेकर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार को घेरा है। कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रदेश में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ चलाया जा रहा है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता हिस्सा ले रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी इस योजना की पहचान और उद्देश्य को बदलना ग्रामीण भारत के साथ अन्याय है। इसी के चलते राजस्थान समेत पूरे देश में मनरेगा के समर्थन में आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।


