जोधपुर के बोरानाडा थाना क्षेत्र स्थित पाल के आरती नगर आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे क्षेत्र को सकते में डाल दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने 11 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की है, जो मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि साध्वी की तबीयत बिगड़ने पर कम्पाउंडर ने उन्हें दो इंजेक्शन लगाए थे, जिसके बाद उनकी हालत और बिगड़ गई थी।
पुलिस के अनुसार 28 जनवरी को आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक तबीयत खराब हुई। उन्हें तेज सांस लेने में परेशानी हो रही थी। आश्रम प्रबंधन की ओर से तुरंत एक डॉक्टर को बुलाया गया, जिसने साध्वी की जांच कर दवा लिखकर दी। इसके बाद मौके पर मौजूद कम्पाउंडर ने साध्वी को दो इंजेक्शन लगाए। बताया गया कि इंजेक्शन के कुछ देर बाद साध्वी की स्थिति अस्थिर होने लगी और उन्हें तुरंत पाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने कम्पाउंडर से पूछताछ की, जिसमें उसने दो इंजेक्शन लगाने की बात स्वीकार की। अब जांच का मुख्य फोकस यह है कि वे इंजेक्शन कौन से थे, क्या उनकी डोज सही थी और कहीं उनका कोई प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ा। पुलिस इंजेक्शन की प्रकृति और साध्वी की तबीयत बिगड़ने के बीच संभावित संबंध की पड़ताल कर रही है।
दूसरी ओर, मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में ऑपिनियन रिज़र्व रखा गया है। यानी अंतिम निष्कर्ष के लिए कुछ और परीक्षणों की आवश्यकता होगी। सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम के विस्तृत परिणाम आने के बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।
पुलिस की एसआईटी ने जांच के दौरान निजी अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। इन फुटेज में स्पष्ट दिखा कि साध्वी को अस्पताल उनके पिता बिरमनाथ लेकर पहुंचे थे। टीम अब आश्रम, अस्पताल और साध्वी के इलाज से जुड़े सभी लोगों के बयान लेकर घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है।
एसआईटी में एसीपी छवि शर्मा के साथ बोरानाडा और भगत की कोठी थाने के अधिकारी, साइबर विशेषज्ञ और अन्य 11 सदस्य शामिल हैं। टीम साध्वी की तबीयत बिगड़ने से लेकर अस्पताल पहुंचाने तक की हर कड़ी को जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही है।
साध्वी प्रेम बाईसा की इस रहस्यमय मौत ने आश्रम और स्थानीय समुदाय में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के नतीजे आने तक पूरा मामला गंभीर निगरानी में है।


