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एक दिन में धराशायी हुए सोना-चांदी के दाम, जयपुर सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड गिरावट

एक दिन में धराशायी हुए सोना-चांदी के दाम, जयपुर सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड गिरावट

बीते कुछ दिनों से लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रहे सोना और चांदी के दामों में शनिवार को अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जयपुर सर्राफा बाजार में एक ही दिन में सोने और चांदी की कीमतों में ऐसी तेज टूट देखने को मिली, जिसने निवेशकों और आम ग्राहकों—दोनों को चौंका दिया है। बाजार में आई इस गिरावट को हालिया महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट माना जा रहा है।

जयपुर सर्राफा कमेटी की ओर से जारी ताजा भाव के अनुसार 10 ग्राम स्टैंडर्ड सोने की कीमत में एक ही दिन में 10 हजार 500 रुपए की गिरावट दर्ज की गई है। गिरावट के बाद स्टैंडर्ड सोना अब 1 लाख 64 हजार 500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त टूट देखने को मिली है। प्रति किलो चांदी के दाम 59 हजार रुपए घटकर 3 लाख 15 हजार रुपए रह गए हैं।

अलग-अलग कैरेट के सोने के नए भाव

सर्राफा बाजार में स्टैंडर्ड सोने के साथ-साथ अन्य कैरेट के सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट आई है। जयपुर सर्राफा कमेटी के अनुसार— 22 कैरेट सोने का भाव घटकर 1 लाख 53 हजार 800 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 18 कैरेट सोना अब 1 लाख 28 हजार 300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं 14 कैरेट सोने की कीमत घटकर 1 लाख 2 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते दामों के बाद इस तरह की तेज गिरावट से बाजार में असमंजस की स्थिति बन गई है। जहां एक ओर आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलती नजर आ रही है, वहीं हाल ही में ऊंचे दामों पर निवेश करने वाले निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफा वसूली का असर

जयपुर सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री राकेश खंडेलवाल ने गिरावट के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि पिछले 24 घंटों में वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी में निवेश अचानक कम हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफा वसूली किए जाने से कीमती धातुओं पर दबाव बना, जिसका सीधा असर भारतीय घरेलू बाजारों पर पड़ा। खंडेलवाल के अनुसार, जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेशक तेजी से अपना मुनाफा निकालते हैं, तो उसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर बाजारों में तुरंत दिखाई देता है। यही कारण है कि सोना और चांदी—दोनों में एक साथ इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली।

क्या यह गिरावट स्थायी है?

सर्राफा बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को स्थायी नहीं माना जा सकता। वैश्विक आर्थिक हालात अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं। डॉलर की चाल, अमेरिका और यूरोप की ब्याज दर नीति, भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों की रणनीति—ये सभी कारक आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों को फिर प्रभावित कर सकते हैं। राकेश खंडेलवाल का कहना है कि बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि जल्दबाजी में कोई बड़ा निवेश निर्णय न लें और कुछ समय तक बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार करें।

निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या है संकेत

तेज गिरावट के बाद बाजार में दो तरह की स्थिति बनती है। एक ओर शादी-विवाह और ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह मौका राहत भरा हो सकता है। वहीं दूसरी ओर निवेशकों के लिए यह संकेत है कि कीमती धातुओं में निवेश करते समय जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोना-चांदी दोबारा मजबूत हो सकते हैं। लेकिन यदि डॉलर मजबूत रहता है और वैश्विक निवेशक जोखिम वाले एसेट्स की ओर रुख करते हैं, तो कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है।

आगे क्या रहेगी बाजार की चाल

आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर रहेंगी। डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और निवेशकों की धारणा—ये सभी फैक्टर सर्राफा बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार विशेषज्ञ सतर्क रुख अपनाने की सलाह दे रहे हैं। कुल मिलाकर, शनिवार को आई यह बड़ी गिरावट यह साफ संकेत देती है कि सोना-चांदी में तेजी के साथ-साथ जोखिम भी बराबर बना रहता है। निवेशकों और ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे बाजार के संकेतों को समझकर ही कोई फैसला लें।

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