राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के बीच OMR शीट घोटाले को लेकर गहरा असंतोष और आक्रोश देखा जा रहा है। लंबे समय से पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों से जूझ रहे युवाओं के सामने अब OMR शीट में हेराफेरी का मामला सामने आने से भरोसे को गहरी चोट पहुंची है। इस मुद्दे पर अब शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी खुलकर मैदान में उतर आए हैं।
भाटी ने साफ किया है कि आगामी राजस्थान विधानसभा सत्र में वे पेपर लीक और OMR शीट घोटाले का मुद्दा पूरी मजबूती से उठाएंगे और प्रदेश सरकार से जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
कांग्रेस और बीजेपी पर एक साथ हमला
रविंद्र सिंह भाटी ने इस पूरे प्रकरण में सत्ताधारी भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल आपसी मिलीभगत से काम कर रहे हैं, जबकि इसका खामियाजा राजस्थान का युवा भुगत रहा है। भाटी ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच युवा फुटबॉल बनकर रह गए हैं, जिन्हें कभी इधर तो कभी उधर उछाल दिया जाता है।
उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2018 के बाद से लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही थीं। उस समय माना जा रहा था कि पेपर लीक केंद्र अधीक्षकों या प्रिंटिंग प्रेस स्तर पर हो रहा है, लेकिन अब OMR शीट में ही हेराफेरी सामने आ जाना कहीं अधिक गंभीर संकेत है।
‘जब रखवाले ही खाने लगें तो व्यवस्था कैसे बचे’
OMR शीट घोटाले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाटी ने कहा कि जब खेत की रखवाली करने वाले ही खेत को खाने लग जाएं, तो फिर रखवाली कौन करेगा। उनका इशारा सीधे तौर पर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और सिस्टम की ओर था।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन पर थी, वही अगर गड़बड़ी में शामिल पाए जाते हैं, तो युवाओं का सिस्टम से भरोसा उठना स्वाभाविक है। यह सिर्फ एक घोटाला नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली पर सवालिया निशान है।
सरकार के दावों पर उठाए सवाल
विधायक भाटी ने सरकार के उन दावों पर भी सवाल उठाए, जिनमें सत्ता में आने के बाद बड़े मगरमच्छ पकड़ने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब तक एक भी बड़ा आरोपी जनता के सामने सजा पाता नजर नहीं आया।
भाटी ने चेतावनी दी कि यदि इस घोटाले पर ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई, तो युवाओं का आक्रोश और तेज होगा। उन्होंने कहा कि वे पहले भी युवाओं के हक के लिए सड़कों पर संघर्ष कर चुके हैं और जरूरत पड़ी तो एक बार फिर युवाओं की आवाज बनने से पीछे नहीं हटेंगे।
एसओजी की कार्रवाई के बाद मामला आया सामने
गौरतलब है कि OMR शीट घोटाला राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की कार्रवाई के बाद सुर्खियों में आया है। इस कार्रवाई में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के टेक्निकल हेड समेत कई लोगों को OMR शीट में हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
इस खुलासे के बाद प्रदेशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में रोष फैल गया। खासतौर पर बाड़मेर जिला मुख्यालय पर बेरोजगार युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और इस मामले की सीबीआई से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की।
युवाओं की मांग: पारदर्शिता और कड़ी सजा
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि जब तक भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं आएगी और दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक इस तरह के घोटाले रुकने वाले नहीं हैं। युवाओं ने मांग की है कि OMR शीट घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की जाए।


