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देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर अजमेर में भी: सभी सरकारी बैंक बंद, सेवाएं ठप

देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर अजमेर में भी: सभी सरकारी बैंक बंद, सेवाएं ठप

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर मंगलवार को देशभर के बैंक कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इसका सीधा असर अजमेर में देखने को मिला, जहां सभी सरकारी बैंक पूरे दिन बंद रहे। बैंक बंद रहने के कारण चेक क्लीयरेंस, कैश जमा-निकासी, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट जैसे सभी ऑफलाइन बैंकिंग कार्य पूरी तरह ठप रहे। लगातार तीन दिन की छुट्टियों के बाद चौथे दिन भी बैंक बंद रहने से आम ग्राहकों, व्यापारियों और वरिष्ठ नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ग्राहक बैंक शाखाओं के बाहर पहुंचे, लेकिन ताले लगे होने के कारण उन्हें लौटना पड़ा।

कचहरी रोड पर बैंक कर्मचारियों का प्रदर्शन

हड़ताल के तहत अजमेर के कचहरी रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के बाहर बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे मजबूर होकर देशव्यापी हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा।

कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में लगातार बढ़ते कार्यभार और नीतिगत फैसलों से कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

AIBOA भी हड़ताल में शामिल, जयपुर में धरना

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) भी इस हड़ताल में शामिल रही। AIBOA राजस्थान के अध्यक्ष लोकेश मिश्रा ने बताया कि जयपुर में बैंक अधिकारी सुबह 11 बजे अंबेडकर सर्किल स्थित LIC बिल्डिंग परिसर में धरने पर बैठे। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक बैंक कर्मचारी संघर्ष जारी रखेंगे।

बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और विभिन्न बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • बैंकों में तत्काल पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए

  • पेंशन अपडेटेशन की मांग

  • निजी बैंक कर्मचारियों को पेंशन का विकल्प दिया जाए

  • बैंकों में FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) का विरोध

  • बैंकों के निजीकरण की नीति वापस ली जाए

  • बैंक विलय (मर्जर) प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए

बैंक यूनियनों का कहना है कि इन मांगों का सीधा संबंध बैंक कर्मचारियों की कार्य स्थितियों और सार्वजनिक बैंकिंग व्यवस्था की मजबूती से है।

कौन-कौन सी बैंकिंग सेवाएं रहीं चालू

हालांकि सरकारी बैंक बंद रहे, लेकिन कुछ सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं:

  • UPI और डिजिटल पेमेंट: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और भीम यूपीआई पूरी तरह चालू रहे। दुकानों और ऑनलाइन शॉपिंग में भुगतान में कोई दिक्कत नहीं आई।

  • इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग: मोबाइल ऐप और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए IMPS, NEFT और RTGS ट्रांजैक्शन किए जा सके। बैलेंस चेक और बिल पेमेंट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहीं।

  • प्राइवेट बैंक: HDFC बैंक, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख निजी बैंक खुले रहे और इनके ग्राहकों को सामान्य सेवाएं मिलती रहीं।

  • एटीएम सेवाएं: तकनीकी रूप से एटीएम बंद नहीं किए गए। जहां एटीएम में कैश उपलब्ध था, वहां से ग्राहक पैसे निकाल सके।

ग्राहकों की बढ़ी परेशानी

सरकारी बैंक बंद रहने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्राहक, बुजुर्ग पेंशनधारी और छोटे व्यापारियों को ज्यादा परेशानी हुई। कई लोगों का कहना है कि लगातार छुट्टियों और हड़ताल के कारण जरूरी बैंकिंग कार्य अटक गए हैं।

देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर अजमेर में साफ नजर आया। सरकारी बैंक पूरी तरह बंद रहने से आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, वहीं बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे। अब सबकी नजरें केंद्र सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन के अगले कदम पर टिकी हैं कि इस गतिरोध का समाधान कब और कैसे निकलता है।

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