राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) भर्ती परीक्षा 2023 का फाइनल परिणाम 15 अक्टूबर 2025 को घोषित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने अब तक परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। न तो लिखित परीक्षा और साक्षात्कार (इंटरव्यू) के अंक जारी किए गए हैं और न ही अंतिम मेरिट रैंक को सार्वजनिक किया गया है। इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
RTI के तहत भी नहीं मिली जानकारी, प्राइवेसी का हवाला
परीक्षा परिणामों की पारदर्शिता को लेकर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, लेकिन RPSC ने इसे देने से इनकार कर दिया। आयोग का कहना है कि—
उम्मीदवारों के अंक और रैंक
उनकी निजी (प्राइवेसी) जानकारी के दायरे में आते हैं
इसलिए इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता
आयोग ने बार-बार तृतीय पक्ष (Third Party Information) का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार किया। हैरानी की बात यह रही कि प्रथम अपील भी बिना किसी सुनवाई के खारिज कर दी गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप
इस पूरे मामले को लेकर झुंझुनूं निवासी रिटायर्ड सूबेदार अनिल कुमार ने RPSC पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शीर्ष अदालत पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि परीक्षा में प्राप्त अंक निजी जानकारी नहीं होते, बल्कि यह सार्वजनिक हित से जुड़ा विषय है। इसके बावजूद RPSC द्वारा अंक और मेरिट रैंक को गोपनीय रखना संदेह पैदा करता है।
UPSC का उदाहरण देकर उठाए सवाल
अनिल कुमार ने उदाहरण देते हुए कहा कि—
UPSC सिविल सेवा परीक्षा के अंतिम परिणाम में
उम्मीदवार का नाम
रोल नंबर
श्रेणी
लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के अंक
कुल अंक
और अंतिम रैंक
तक सार्वजनिक की जाती है
इसी तरह अन्य चयन बोर्ड भी नाम, माता-पिता का नाम, प्राप्तांक और मेरिट रैंक जारी करते हैं। ऐसे में RPSC द्वारा कोई भी विस्तृत जानकारी न देना पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत, लेकिन RSSB को भेजा गया मामला
अनिल कुमार ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से—
शिकायत को RPSC को भेजने के बजाय
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) को भेज दिया गया
जब इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई, तो अब शिकायत को “संबंधित विभाग” को भेजने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया।
अभ्यर्थियों में बढ़ता असंतोष
फाइनल परिणाम घोषित होने के बावजूद—
अंक और मेरिट रैंक सार्वजनिक न करना
RTI और अपील दोनों को खारिज करना
शिकायत को गलत विभाग में भेजना
इन सभी कारणों से अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उम्मीदवारों का कहना है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना आयोग की जिम्मेदारी है।
पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
अब अभ्यर्थी और जागरूक नागरिक— RPSC से स्पष्ट कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन और RAS भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। मामला अब केवल एक परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्य की भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न बन गया है।


