राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। बूंदी दौरे पर पहुंचे यूपी कांग्रेस के सह प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर और कोटा–बूंदी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रह्लाद गुंजल ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। बूंदी सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
राम के नाम की राजनीति पर कांग्रेस का हमला
पत्रकारों द्वारा कांग्रेस पार्टी पर राम का नाम नहीं लेने को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रह्लाद गुंजल ने भाजपा पर सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान राम के नाम का व्यापार और राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस राम के नाम की पूजा करती है। आस्था को राजनीति से जोड़ना भाजपा की पुरानी आदत बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भगवान राम पूरे देश के आराध्य हैं और उन्हें किसी एक राजनीतिक दल की जागीर बनाना गलत है। कांग्रेस हमेशा सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सद्भाव की पक्षधर रही है।
शिक्षा मंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
राज्य की सियासत पर बात करते हुए प्रह्लाद गुंजल ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों को गंभीरता से लेने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि मंत्री जी कच्ची घोड़ी हैं और जनता सब देख और समझ रही है। गुंजल ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए विपक्ष के नेताओं पर बयानबाजी कर रही है।
सरकार पर नाकामियां छिपाने का आरोप
प्रह्लाद गुंजल ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। इन असफलताओं को छिपाने के लिए मंत्री और सरकार के नेता विपक्ष पर अनर्गल बयान देकर माहौल को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब जागरूक है और ऐसे हथकंडों में आने वाली नहीं है।
सामाजिक कार्यक्रम में भी हुए शामिल
राजनीतिक कार्यक्रम के बाद दोनों कांग्रेस नेता गुर्जर समाज द्वारा भगवान देवनारायण के मंदिर में आयोजित निःशुल्क सामूहिक विवाह समारोह में भी शामिल हुए। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और समाज में एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करने की बात कही।
केंद्र सरकार पर धीरज गुर्जर का हमला
इस दौरान यूपी कांग्रेस के सह प्रभारी धीरज गुर्जर ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना के नाम में बदलाव कर सरकार ने इसे कमजोर करने का काम किया है। यह योजना ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवनरेखा रही है, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसकी मूल भावना के साथ खिलवाड़ किया है।
नाम बदलने और प्रचार की राजनीति का आरोप
धीरज गुर्जर ने कहा कि रोजगार, महंगाई और किसान जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए सरकार केवल नाम बदलने और प्रचार की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है और आने वाले समय में इसका असर राजनीति में साफ दिखाई देगा।


