जयपुर में आयोजित राज्यस्तरीय मेगा पीटीएम कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रहे धांधली और पेपर लीक मामलों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेकर मेहनत करते हैं और जब ऐसे परिवारों के बच्चों के साथ भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी होती है, तो केवल छात्र ही नहीं बल्कि उनके माता-पिता भी मानसिक रूप से टूट जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
गरीब और मेहनती परिवारों के सपनों से हुआ खिलवाड़
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेते हैं, अपनी जरूरतों में कटौती करते हैं और सालों तक संघर्ष करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मेहनती और गरीब परिवारों के बच्चों को यह तक पता नहीं चल पाता था कि उनकी OMR शीट में भी गड़बड़ी कर दी जाती है। जब मेहनत के बावजूद परिणाम प्रभावित होता है, तो यह केवल एक परीक्षा में असफलता नहीं होती, बल्कि पूरे परिवार के आत्मविश्वास और सपनों पर चोट होती है।
OMR शीट से लेकर पेपर लीक तक की जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच में यह सामने आया है कि केवल पेपर लीक ही नहीं, बल्कि OMR शीट में भी हेराफेरी की गई। उन्होंने कहा कि जिसने भी युवाओं के भविष्य के साथ धोखा किया है, वह चाहे कितना ही बड़ा अधिकारी हो या प्रभावशाली नेता, उसे कानून के दायरे में लाकर सजा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि विपक्ष चाहे जैसे बयान दे या सफाई पेश करे, लेकिन सच्चाई जांच के जरिए सामने आएगी और किसी को भी बचने नहीं दिया जाएगा।
विपक्ष पर निशाना, जांच में सब होगा उजागर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेता भले ही यह दावा करें कि उनके कार्यकाल में कोई गड़बड़ी नहीं हुई, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हो जाएगा कि कब, कैसे और किसके संरक्षण में भर्ती परीक्षाओं में धांधली हुई।
उन्होंने कहा कि गलत करने वालों को हर हाल में इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा। सरकार किसी दबाव में नहीं आएगी और जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है।
पूर्व सरकार के दौर से जुड़े लोग हो रहे हैं गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई थीं और अब उसी दौर से जुड़े लोग एक-एक कर पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के सपनों को रौंदने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि चाहे वह कितना ही बड़ा नेता हो या अधिकारी, कानून से ऊपर कोई नहीं है। भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले लगातार पकड़े जा रहे हैं और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
गार्गी पुरस्कार और छात्र कल्याण योजनाओं की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिक्षा और छात्र कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि गार्गी पुरस्कार योजना के तहत 10वीं कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं के खातों में 127 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है।
इसके अलावा ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना के तहत 53 करोड़ रुपये की राशि 4.40 लाख छात्रों को दी गई। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थियों के खातों में सीधे भेजी गई।
रोजगार और कौशल विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि युवा बदलते समय के अनुसार खुद को तैयार कर सकें।
उन्होंने जयपुर में विदेशी भाषा संचार कौशल स्कूल खोलने की घोषणा भी की, जिससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
युवाओं के भविष्य की सुरक्षा का भरोसा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंत में कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी तरह की धांधली करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।


