राजस्थान में भजनलाल सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूरे हो चुके हैं और आने वाले महीने में सरकार अपना तीसरा बजट पेश करने की तैयारी में है। इसी बीच विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि यानी एमएलए लेड फंड के उपयोग को लेकर एक अहम तस्वीर सामने आई है। जयपुर जिले के विधायकों के आंकड़े बताते हैं कि स्थानीय विकास के लिए मिलने वाली इस राशि के उपयोग में कई जनप्रतिनिधि अपेक्षाकृत सुस्त नजर आए हैं।
जयपुर के 19 विधायकों में कई 50 फीसदी से नीचे
आंकड़ों के अनुसार जयपुर जिले के कुल 19 विधायकों में से कई ऐसे हैं, जिन्होंने अपने हिस्से की विधायक निधि का 50 प्रतिशत तक भी खर्च नहीं किया है। विधायक निधि का उद्देश्य विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों, भवनों, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य बुनियादी विकास कार्यों को गति देना होता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि कई क्षेत्रों में यह राशि अब तक पूरी तरह उपयोग में नहीं आ पाई है।
खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का खर्च सबसे कम
जयपुर की झोटवाड़ा विधानसभा से विधायक और राज्य सरकार में खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का विधायक निधि खर्च सबसे कम रहा है। बीते दो वर्षों में उन्हें 10 करोड़ रुपए की विधायक निधि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन अब तक केवल 92 लाख रुपए के कार्यों को ही स्वीकृति दी गई है। यह कुल राशि का करीब 9 प्रतिशत ही है, जो अन्य विधायकों की तुलना में काफी कम मानी जा रही है।
कई विधायक विकास कार्यों में रहे पीछे
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के अलावा आदर्श नगर से रफीक खान, जमवारामगढ़ से महेंद्र पाल मीणा और किशनपोल से अमीन कागजी जैसे विधायक भी विधायक निधि खर्च के मामले में निचले पायदान पर हैं। कुछ विधायकों ने दो साल में अपने कोटे की आधी राशि भी खर्च नहीं की है, जिससे उनके क्षेत्रों में विकास की गति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन विधायकों ने खोला विकास का पिटारा
वहीं दूसरी ओर, कुछ विधायकों ने एमएलए लेड फंड के उपयोग में बेहतर प्रदर्शन किया है। कोटपूतली से विधायक हंसराज पटेल सबसे आगे रहे हैं, जिन्होंने अब तक 7.80 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को स्वीकृति दी है। मालवीय नगर से विधायक कालीचरण सराफ ने 7.60 करोड़ रुपए और विराटनगर से विधायक कुलदीप धनखड़ ने करीब 7.59 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत कराए हैं।
मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम का भी योगदान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से करीब 5 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी है, जो उनके दो साल के कुल कोष का लगभग 50 प्रतिशत है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में 7.21 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृतियां जारी की हैं। वहीं डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने दूदू विधानसभा क्षेत्र में 5.87 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को स्वीकृति दी है।
विकास की रफ्तार पर उठते सवाल
जयपुर जिले के विधायकों के एमएलए लेड फंड खर्च के ये आंकड़े बताते हैं कि स्थानीय विकास को लेकर सभी जनप्रतिनिधियों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा है। जहां कुछ विधायक निधि का प्रभावी उपयोग कर अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं, वहीं कई विधायक अब भी इस मोर्चे पर पीछे नजर आ रहे हैं। तीसरे बजट से पहले सामने आई यह तस्वीर आने वाले समय में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बनी रह सकती है।


