राजस्थान में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से शुष्क और ठंडे मौसम के बाद आज सुबह होते ही कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर तेज आंधी के साथ बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और ठंड का असर बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार यह सीजन की पहली मावठ है, जिसने खासकर पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के इलाकों में मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए रहे और दिन की शुरुआत ठंडी हवाओं के साथ हुई।
सीकर में ओलावृष्टि, किसानों की बढ़ी चिंता
इस बदलते मौसम के बीच सीकर जिले में ओलावृष्टि की खबर सामने आई है। अचानक गिरे ओलों से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। रबी फसलों की कटाई के करीब पहुंच चुके किसानों के लिए यह मौसम परेशानी का कारण बन गया है। स्थानीय किसानों का कहना है कि अगर ओलावृष्टि और बारिश का यह सिलसिला जारी रहा तो सरसों, चना और गेहूं जैसी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग ने भी किसानों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
10 से अधिक जिलों में दर्ज हुई बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई है। जयपुर, टोंक, नागौर सहित कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। इससे पहले गुरुवार को भी जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और जोधपुर जैसे सरहदी जिलों में दोपहर बाद हल्की बारिश देखने को मिली थी। इन इलाकों में आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई, जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आई। खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान के शुष्क इलाकों में बारिश से मौसम सुहावना जरूर हुआ, लेकिन ठंड का असर बढ़ गया है।
जयपुर में सीजन की पहली मावठ
राजधानी जयपुर में सीजन की पहली मावठ गिरने से मौसम पूरी तरह बदल गया। सुबह के समय ठंडी हवाओं और बादलों की मौजूदगी ने तापमान को नीचे गिरा दिया। जयपुर का अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों तक जयपुर और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।
14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 11 में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए आज 14 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 11 जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। अलर्ट वाले जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खुले स्थानों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
घना कोहरा और शीतलहर का भी अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 24 जनवरी से प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा और शीतलहर चल सकती है। उत्तर और पूर्वी राजस्थान में सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो सकती है। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद ठंडी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सर्दी का असर तेज होगा।
प्रदेश के प्रमुख जिलों का ताजा तापमान
बारिश और बादलों के चलते राजस्थान के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अलवर में तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस, जैसलमेर में 6.2 डिग्री और फलोदी में 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर का तापमान 15.0 डिग्री, सीकर का 12.5 डिग्री और बीकानेर का 9.0 डिग्री सेल्सियस रहा। माउंट आबू में तापमान 10.0 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर और जोधपुर जैसे इलाकों में भी ठंड का असर बढ़ा है।
आने वाले दिनों में मौसम और बिगड़ने के संकेत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में राजस्थान के मौसम में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कहीं बारिश तो कहीं तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों, वाहन चालकों और आम नागरिकों से मौसम को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। बदलते मौसम के इस दौर में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव मानी जा रही है।


