राजस्थान में SIR और मनरेगा को लेकर कांग्रेस द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध प्रदर्शन और आंदोलन पर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। बुधवार 21 जनवरी को जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए शेखावत ने कहा कि कांग्रेस अब पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुकी है और खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए नॉन इश्यू को इश्यू बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के पास जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वे भ्रम फैलाकर आंदोलन खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें जनता ने नकारा है।
कांग्रेस को जनता ने बार-बार दिखाया आईना
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कांग्रेस को लगातार एक के बाद एक चुनावों में जनता ने उसकी सच्चाई दिखा दी है। उन्होंने हाल ही में हुए महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कांग्रेस की स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि वह माइक्रोस्कोप से ढूंढने पर भी नजर नहीं आती। शेखावत ने कहा कि जनता अब कांग्रेस की राजनीति और उसके झूठे अभियानों को समझ चुकी है और यही कारण है कि चुनाव दर चुनाव कांग्रेस का जनाधार सिमटता जा रहा है।
नॉन इश्यू को इश्यू बनाकर प्रासंगिक रहने की कोशिश
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी बार-बार ऐसे मुद्दों को उठाती है जिनका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि SIR हो, मनरेगा हो या इससे पहले CAA जैसे विषय, कांग्रेस हमेशा भ्रम फैलाने की राजनीति करती आई है। शेखावत के अनुसार, कांग्रेस झूठ के सहारे आंदोलन खड़ा कर उसे जन आंदोलन बनाने की कोशिश करती है, लेकिन हर बार उसकी रणनीति विफल होती है। जनता ने बार-बार ऐसे प्रयासों को खारिज किया है और आगे भी करेगी।
मनरेगा में बदलाव क्यों जरूरी था
मनरेगा को लेकर कांग्रेस के विरोध पर शेखावत ने कहा कि पिछले करीब 25 वर्षों में मनरेगा जैसी योजनाओं से ग्रामीण भारत का स्वरूप बदला है, इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन समय के साथ इसमें कई खामियां और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आईं। उन्होंने बताया कि मनरेगा को लेकर देशभर से भारत सरकार के पास लगभग 11 लाख शिकायतें दर्ज हुई थीं। ऐसे में इस योजना में सुधार और बदलाव आवश्यक हो गया था। शेखावत ने स्पष्ट किया कि बदलाव का उद्देश्य योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, न कि गरीबों का हक छीनना, जैसा कि कांग्रेस प्रचारित कर रही है।
SIR पर कांग्रेस की राजनीति पर सवाल
SIR को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध पर भी शेखावत ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी SIR, कभी किसी अन्य विषय को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास करती है। कांग्रेस के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए वह हर मुद्दे पर विरोध की राजनीति करती है। शेखावत ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि सिर्फ विरोध करने से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। जनता विकास, पारदर्शिता और सुशासन चाहती है।
राजस्थान की राजनीति में बढ़ता टकराव
राजस्थान में कांग्रेस लगातार विधानसभा के भीतर और बाहर SIR और मनरेगा को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिए हैं कि इन मुद्दों को आगामी सत्र में जोर-शोर से उठाया जाएगा। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए इन विषयों को तूल दे रही है। शेखावत के बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
जनता के फैसले को स्वीकार करने की सलाह
अपने बयान के अंत में गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कांग्रेस को अब आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस पार्टी को नकार दिया है, उसे बार-बार झूठे मुद्दों के सहारे खुद को जिंदा रखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। शेखावत ने दो टूक कहा कि कांग्रेस चाहे जितना भी भ्रम फैलाने का प्रयास करे, जनता सच्चाई को पहचान चुकी है और आने वाले समय में भी कांग्रेस को इसका राजनीतिक दंड भुगतना पड़ेगा।


