इंजीनियरिंग की देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 की शुरुआत बुधवार से हो गई। पहले दिन आयोजित पहली पारी की परीक्षा को लेकर स्टूडेंट्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। परीक्षा देकर बाहर आए विद्यार्थियों के अनुसार पेपर न ज्यादा कठिन था और न ही बहुत आसान। कुल मिलाकर इसे मॉडरेट स्तर का बताया गया है।
देश और विदेश के 300 से अधिक शहरों में एक साथ आयोजित हो रही इस परीक्षा में जनवरी सेशन के दौरान देशभर से 13 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो रहे हैं। कोटा सहित प्रमुख परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही छात्रों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
विषयवार कठिनाई स्तर पर छात्रों की राय
परीक्षा देने के बाद छात्रों ने विषयवार कठिनाई को लेकर अपने अनुभव साझा किए। अधिकांश विद्यार्थियों का कहना था कि केमिस्ट्री का पेपर हर बार की तरह इस बार भी लेंदी रहा। इसमें अधिकतर सवाल एनसीईआरटी आधारित थे, लेकिन कुछ प्रश्नों में कॉन्सेप्ट क्लियर होना जरूरी था।
फिजिक्स को लेकर छात्रों की राय थोड़ी बंटी हुई रही। कुछ छात्रों ने इसे मॉडरेट बताया, जबकि कई विद्यार्थियों के अनुसार फिजिक्स सेक्शन अपेक्षाकृत कठिन रहा। इसमें न्यूमेरिकल और कॉन्सेप्ट बेस्ड प्रश्नों ने छात्रों को सोचने पर मजबूर किया।
मैथ्स को लेकर लगभग सभी छात्रों की राय एक जैसी रही। उनका कहना था कि मैथ्स का पेपर हमेशा की तरह इस बार भी उलझाने वाला था। सवालों की लंबाई और कैलकुलेशन में समय अधिक लगने के कारण कई छात्रों को टाइम मैनेजमेंट में दिक्कत आई।
मॉक टेस्ट देने वालों को मिली राहत
कई विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि जिन्होंने नियमित रूप से मॉक टेस्ट दिए थे और अपने डाउट्स क्लियर किए थे, उनके लिए पेपर ज्यादा कठिन नहीं रहा। ऐसे छात्रों के अनुसार अगर तैयारी सही तरीके से की गई हो, तो स्कोर गेन करना मुश्किल नहीं है। स्टूडेंट यश ने बताया कि पेपर का स्तर संतुलित रहा। उनके मुताबिक, जिसने नियमित पढ़ाई और प्रैक्टिस की थी, वह अच्छे अंक ला सकता है। वहीं स्टूडेंट आर्यन का कहना था कि फिजिक्स और केमिस्ट्री उन्हें अपेक्षाकृत हार्ड लगी, लेकिन मैथ्स हमेशा की तरह टफ रही।
कोटा में दो शिफ्ट में परीक्षा का आयोजन
कोटा, जो देशभर में कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है, वहां परीक्षा का आयोजन सुबह और दोपहर की दो शिफ्ट में किया जा रहा है। सुबह की शिफ्ट में परीक्षा 9 बजे शुरू हुई, जिसके लिए स्टूडेंट्स को 8.30 बजे तक ही एंट्री दी गई। सुबह 7 बजे से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों की लंबी लाइन लग गई थी। समय पर प्रवेश पाने के लिए छात्र काफी पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे।
सुरक्षा व्यवस्था और सख्त जांच
परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए एनटीए की गाइडलाइन के अनुसार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। परीक्षा केंद्रों पर स्टूडेंट्स की पहले तलाशी ली गई, इसके बाद मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। इसके साथ ही बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य रखा गया।
ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में हो रही इस परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरे और जैमर का इस्तेमाल किया गया। सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में ही छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।
ड्रेस कोड और एंट्री को लेकर परेशानी
इस बार ओरिजिनल आईडी प्रूफ के आधार पर ही छात्रों को प्रवेश दिया गया। कई छात्र गले में डोरी, हाथ में मौली, इयररिंग्स और नोज पिन पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। ऐसे मामलों में सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर ही इन्हें हटवाया या काटकर प्रवेश दिया।
सर्दी के मौसम के कारण कई विद्यार्थी जैकेट पहनकर आए थे, लेकिन मोटे बटन या मेटल चेन वाली जैकेट पहनने पर उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे छात्रों की जैकेट पर टेपिंग कराई गई या फिर उन्हें बाहर उतारकर ही अंदर जाने की अनुमति दी गई।
परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी
परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स को बारकोड के जरिए लैब अलॉट की गई, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे। सुबह की शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 12 बजे तक चली। कुल मिलाकर पहले दिन की पहली पारी शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। अब आने वाली शिफ्ट्स और अगले दिनों की परीक्षाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। स्टूडेंट्स को उम्मीद है कि आगे के पेपर भी संतुलित स्तर के होंगे, जिससे मेहनत करने वालों को बेहतर परिणाम मिल सके।


