राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं आवासन (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा रविवार को सीकर जिले के श्रीमाधोपुर दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने तीन दिवसीय विशेष योग्यजन शिविर के समापन कार्यक्रम में शिरकत की और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। मंत्री खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य विशेष योग्यजन को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविरों के माध्यम से जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचता है और इससे उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। सरकार चाहती है कि विशेष योग्यजन केवल सहानुभूति के पात्र न बनें, बल्कि अपनी क्षमता के बल पर आगे बढ़ें।
योग्यजन शिविर के समापन पर सहायक उपकरणों का वितरण
समापन कार्यक्रम के दौरान मंत्री झाबर सिंह खर्रा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने विशेष योग्यजन को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए। मंत्री ने कहा कि ये उपकरण केवल साधन नहीं हैं, बल्कि विशेष योग्यजन के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम हैं। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार ऐसे शिविरों का आयोजन कर रही है, ताकि पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके। शिविर में बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार की इस पहल की सराहना की।
महेंद्रजीत सिंह मालवीय के कांग्रेस में लौटने पर प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने महेंद्रजीत सिंह मालवीय की कांग्रेस में वापसी के सवाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब महेंद्रजीत सिंह मालवीय कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में आए थे, तब भी उन्होंने यही कहा था कि कांग्रेस में उनका दम घुट रहा था और उन्हें वहां मान-सम्मान नहीं मिल रहा था। मंत्री खर्रा ने कहा कि भाजपा में आने के बाद पार्टी ने उन्हें पूरा सम्मान दिया और बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार भी बनाया गया। इसके बावजूद जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी नेता को स्वीकार करना या न करना जनता और मतदाताओं का अधिकार है।
जनता का फैसला सर्वोपरि: खर्रा
यूडीएच मंत्री ने कहा कि यदि जनता ने किसी उम्मीदवार को नकार दिया, तो इसका दोष किसी राजनीतिक दल पर डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे महेंद्रजीत सिंह मालवीय कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे, वैसे ही अब भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जा रहे हैं। यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। मंत्री खर्रा ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी राजनीतिक असफलता का कारण पार्टी को ठहराना चाहता है, तो यह उसकी सोच और मर्जी है, लेकिन सच्चाई यही है कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है।
SIR को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला
एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर कांग्रेस द्वारा लगातार सवाल खड़े किए जाने पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश में SIR का कार्य पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले भी मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए इस तरह के अभियान चलाए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि SIR के तहत उन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। इसके अलावा ऐसे मतदाताओं के नाम भी हटाए जा रहे हैं, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं।
वोट बैंक की राजनीति का लगाया आरोप
मंत्री खर्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को इस प्रक्रिया से इसलिए परेशानी हो रही है, क्योंकि उनके वोट बैंक से जुड़े कुछ मतदाताओं के नाम एक से दो या तीन जगह दर्ज थे, जिससे उन्हें राजनीतिक लाभ मिल रहा था। उन्होंने कहा कि अब जब यह गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि किसी को इस प्रक्रिया से पेट में दर्द हो रहा है, तो इसका इलाज उनके पास नहीं है और शायद किसी वैद्य या हकीम के पास भी इसका कोई इलाज नहीं होगा।
निष्पक्ष मतदाता सूची लोकतंत्र की मजबूती
अपने बयान के अंत में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि निष्पक्ष और शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। SIR अभियान का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। श्रीमाधोपुर में आयोजित यह दौरा और बयान राजस्थान की सियासत में आने वाले दिनों में नई बहस को जन्म दे सकता है।


