साहित्य के महाकुंभ के रूप में पहचाने जाने वाले जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में आज यानी 17 जनवरी का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फेस्टिवल के 19वें संस्करण में आज पूरे दिन कई बड़े और विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में राजनीति, समाज, तकनीक, विज्ञान और समकालीन वैश्विक मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी। जयपुर के ऐतिहासिक माहौल में हो रहा यह आयोजन एक बार फिर विचारों के आदान-प्रदान का बड़ा मंच बन गया है।
500 वक्ताओं की मौजूदगी, 266 सत्रों का आयोजन
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में इस बार करीब 500 वक्ता हिस्सा ले रहे हैं। फेस्टिवल में कुल 266 सत्र प्रस्तावित हैं, जिनमें 43 देशों की भाषाओं, संस्कृतियों और विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व देखने को मिल रहा है। साहित्य प्रेमियों के लिए यह आयोजन किसी उत्सव से कम नहीं है। फेस्टिवल परिसर में लगे बुक स्टॉल्स पर देश और विदेश के लेखकों की नई और चर्चित किताबें पाठकों के लिए उपलब्ध हैं, जिन्हें लेकर पाठकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
गांधी, सावरकर और जिन्ना पर होगी विशेष चर्चा
शनिवार को होने वाले प्रमुख सत्रों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, विनायक दामोदर सावरकर और मोहम्मद अली जिन्ना जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर चर्चा की जाएगी। इस सत्र में उपन्यासकार मकरंद आर. परांजपे, इतिहासकार एलेक्स वॉन टुनजेलमैन और लेखिका किश्वर देसाई अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही गाजा नरसंहार जैसे समकालीन और संवेदनशील वैश्विक मुद्दों पर भी गंभीर विमर्श होगा, जिससे फेस्टिवल की वैचारिक गहराई और व्यापकता झलकती है।
लेखकों और वक्ताओं की चर्चित किताबें
लेखिका और इन्फोसिस की को-फाउंडर सुधा मूर्ति अपनी नई किताब ‘द मैजिक ऑफ द लॉस्ट ईयररिंग’ पर पाठकों से संवाद करेंगी। वहीं, प्रसिद्ध कॉमेडियन और लेखक वीर दास अपनी किताब ‘द आउटसाइडर: ए मेमोइर ऑफ मिसफीट्स’ को लेकर चर्चा करेंगे। इन सत्रों में साहित्य के साथ-साथ व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक दृष्टिकोण पर भी बात होगी।
मोटिवेशन और सिनेमा पर भी सत्र
फेस्टिवल में मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास जीवन में सफलता, संतुलन और बेहतर भविष्य के विषय पर अपने विचार रखेंगे। इसके अलावा फिल्म समीक्षक अनुपमा चोपड़ा, नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और कॉमेडियन वीर दास भी विभिन्न सत्रों में हिस्सा लेकर दर्शकों से संवाद करेंगे। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 का यह दिन साहित्य और विचारों की विविधता का बेहतरीन उदाहरण बन रहा है।


