कोटा में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब यातायात पुलिस द्वारा की जा रही चालान कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन पालीवाल का पुलिसकर्मियों से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को उन्हें शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार करना पड़ा। पुलिस ने नवीन पालीवाल पर राजकार्य में बाधा डालने का भी आरोप लगाया है। यह पूरा घटनाक्रम शहर के गुमानपुरा थाना क्षेत्र में उस समय सामने आया, जब यातायात पुलिस सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी।
कार एक्सेसरी दुकानों के बाहर खड़े वाहनों से शुरू हुआ मामला
जानकारी के अनुसार, कोटा शहर के शॉपिंग सेंटर के पास न्यू कॉलोनी की ओर जाने वाले मार्ग पर कई कार एक्सेसरी की दुकानें स्थित हैं। इन दुकानों के बाहर बड़ी संख्या में वाहन लंबे समय तक खड़े रहते हैं, जिनमें अतिरिक्त एक्सेसरी फिटिंग का काम किया जाता है। इससे सड़क पर यातायात बाधित हो रहा था। स्थानीय नागरिकों की लगातार शिकायतों के बाद यातायात पुलिस ने इस क्षेत्र में अभियान चलाकर दुकानों के बाहर खड़े वाहनों के चालान काटने शुरू किए। इसी दौरान आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन पालीवाल भी मौके पर पहुंचे।
नवीन पालीवाल का विरोध और बढ़ता हंगामा
बताया जा रहा है कि नवीन पालीवाल स्वयं भी एक कार एक्सेसरी दुकान के संचालक हैं। जैसे ही पुलिस ने चालान की कार्रवाई शुरू की, उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को चालान काटने से रोका और मौके पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थानीय व्यापारियों ने भी नाराजगी जताई और कुछ समय के लिए अपनी दुकानें बंद कर दीं। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के अनुसार, इस वजह से सड़क पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
पुलिस का पक्ष, लगातार मिल रही थीं शिकायतें
गुमानपुरा थानाधिकारी महेश कारवाल ने बताया कि उक्त इलाके में लंबे समय से यातायात अव्यवस्था की शिकायतें मिल रही थीं। दुकानों के बाहर खड़े वाहनों के कारण आम लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पहले दुकानदारों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर चालान की कार्रवाई करनी पड़ी।
राजकार्य में बाधा का आरोप, शांतिभंग में गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, नवीन पालीवाल ने मौके पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों को उनके कर्तव्य का निर्वहन करने से रोका। अधिकारियों ने उन्हें शांत रहने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन वे लगातार विरोध करते रहे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें शांतिभंग के आरोप में हिरासत में ले लिया। साथ ही, राजकार्य में बाधा डालने का मामला भी दर्ज किया गया है।
व्यापारियों का विरोध और बाद में स्थिति सामान्य
पुलिस कार्रवाई के विरोध में कुछ व्यापारियों ने थोड़ी देर के लिए दुकानों को बंद कर दिया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाइश के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई और यातायात व्यवस्था भी बहाल कर दी गई। थानाधिकारी महेश कारवाल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में नवीन पालीवाल की भूमिका दोषपूर्ण पाई गई। इसके बाद कई व्यापारियों ने भी उनका समर्थन करने से इनकार कर दिया और अपनी दुकानों को दोबारा खोल लिया।
राजनीतिक हलकों में चर्चा, कानून व्यवस्था पर जोर
इस घटना के बाद कोटा के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जहां आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक दबाव और व्यापारियों के हितों से जोड़कर देख रही है, वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में की गई है।


