राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा है कि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों से अपील की है कि आवेदन करने से पूर्व राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी से बचा जा सके। मंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुचारू भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा नियमों को सख्ती से लागू किया गया है।
बायोमैट्रिक मशीन पंजीयन अनिवार्य
सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार शिक्षण संस्थानों द्वारा उपयोग में ली जा रही बायोमैट्रिक मशीन का पंजीयन अनिवार्य रूप से किया जाना आवश्यक है। इसके लिए संस्थानों को आधार प्रमाणीकरण पोर्टल पर जाकर बायोमैट्रिक डिवाइस का पंजीयन करना होगा। उन्होंने बताया कि बायोमैट्रिक मशीन पंजीयन से संबंधित विस्तृत गाइडलाइन विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे सभी शिक्षण संस्थानों को ध्यानपूर्वक देखना चाहिए। बायोमैट्रिक पंजीयन नहीं होने की स्थिति में छात्रवृत्ति से जुड़ी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
शिक्षण संस्थानों को प्रोफाइल अपडेट करने की अपील
मंत्री गहलोत ने कहा कि जिन शिक्षण संस्थानों ने अब तक छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल अपडेट नहीं की है, उन्हें शीघ्र यह कार्य पूरा करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कोर्स मैपिंग और मान्यता अथवा सम्बद्धता के अनुमोदन को संबंधित विश्वविद्यालयों से समय पर स्वीकृत करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की ओर से की गई किसी भी प्रकार की देरी का सीधा असर विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति पर पड़ सकता है, इसलिए संस्थानों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।
OTR प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य
सामाजिक न्याय मंत्री ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि विभागीय छात्रवृत्ति योजना में आवेदन करने से पूर्व नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि OTR के बिना छात्रवृत्ति आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। OTR प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड कर e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया पहचान की शुद्धता और फर्जी आवेदनों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
जन आधार और दस्तावेज अपडेट होना जरूरी
अविनाश गहलोत ने कहा कि छात्रवृत्ति आवेदन से पहले विद्यार्थियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी जन आधार पोर्टल पर अद्यतन करवाना अनिवार्य है। जन आधार, आधार कार्ड और अन्य सभी दस्तावेजों में अंकित जानकारी एक समान होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जन आधार में दर्ज सभी पारिवारिक सदस्यों की आय का अपडेट होना आवश्यक है। इसके साथ ही विद्यार्थी की श्रेणी, जाति प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र का जन आधार में अपलोड होना भी अनिवार्य किया गया है।
बैंक खाता DBT से लिंक होना जरूरी
मंत्री ने कहा कि छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित की जाती है, इसलिए विद्यार्थी द्वारा आवेदन पत्र में वही बैंक खाता दर्ज किया जाए जो आधार से लिंक और डीबीटी सक्षम हो। गलत बैंक विवरण देने पर छात्रवृत्ति भुगतान में विलंब या अस्वीकृति की स्थिति बन सकती है।
आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी लेने की सलाह
सामाजिक न्याय मंत्री ने कहा कि उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित केंद्र और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट का अवलोकन करना अनिवार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की अफवाह या अप्रमाणित सूचना से बचने की अपील की।


