साहित्य, विचार, संस्कृति और संवाद का विश्वविख्यात मंच जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) 15 जनवरी से अपने नए संस्करण के साथ शुरू होने जा रहा है। इस बार यह भव्य आयोजन जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित किया जाएगा। पांच दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में भारत समेत दुनिया भर से 500 से अधिक लेखक, विचारक, विद्वान, कलाकार और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी प्रमुख हस्तियां हिस्सा लेंगी। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल को केवल एक साहित्यिक आयोजन ही नहीं, बल्कि विचारों का महाकुंभ माना जाता है। यहां साहित्य के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, राजनीति, अर्थशास्त्र, खेल, इतिहास, समाज और सिनेमा जैसे विषयों पर गहन विमर्श होगा।
JLF में जावेद अख्तर से लेकर टिम बर्नर्स-ली तक करेंगे शिरकत
इस बार जेएलएफ में शिरकत करने वाली हस्तियों की सूची बेहद प्रभावशाली है। मशहूर गीतकार और शायर जावेद अख्तर, वर्ल्ड वाइड वेब के जनक टिम बर्नर्स-ली, बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका किरण देसाई, नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री एस्तेर डुफ्लो, समाजसेवी और लेखिका सुधा मूर्ति, शतरंज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद और आध्यात्मिक वक्ता गौर गोपाल दास जैसे दिग्गज मंच साझा करेंगे। इनके अलावा देश-विदेश के कई जाने-माने लेखक, पत्रकार, इतिहासकार और चिंतक विभिन्न सत्रों में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
वैश्विक मुद्दों पर भी होगी चर्चा
जेएलएफ के सत्रों में समकालीन वैश्विक घटनाओं पर भी चर्चा होगी। बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रम और वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति जैसे अंतरराष्ट्रीय विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा लोकतंत्र, मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी संवाद होगा।
दर्शकों के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन विकल्प
इस बार भी जेएलएफ में दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग श्रेणियों में रजिस्ट्रेशन विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। छात्र, आम दर्शक, संगीत प्रेमी और पब्लिशिंग इंडस्ट्री से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए अलग-अलग एंट्री पैकेज तय किए गए हैं, ताकि हर वर्ग के लोग इस आयोजन का हिस्सा बन सकें।
जयपुर म्यूजिक स्टेज रहेगा खास आकर्षण
साहित्य के साथ-साथ संगीत प्रेमियों के लिए जयपुर म्यूजिक स्टेज इस फेस्टिवल का बड़ा आकर्षण रहेगा। इस स्टेज के लिए एंट्री शुल्क 499 रुपए प्रतिदिन से शुरू होगा। यहां देश और विदेश के नामी और उभरते कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। यह मंच फोक, सूफी, इंडी, रॉक और फ्यूजन म्यूजिक का जीवंत संगम बनेगा।
जयपुर बुकमार्क में जुटेंगे पब्लिशिंग जगत के दिग्गज
पब्लिशिंग इंडस्ट्री से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए जयपुर बुकमार्क का आयोजन किया जाएगा। यह साउथ एशिया का सबसे बड़ा वार्षिक पब्लिशिंग कॉन्क्लेव माना जाता है। यहां प्रकाशक, लेखक, साहित्यिक एजेंट और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स एक मंच पर संवाद करेंगे। जयपुर बुकमार्क के लिए प्रवेश शुल्क 1500 रुपए प्रतिदिन निर्धारित किया गया है।
वर्चुअल सेशन होंगे पूरी तरह फ्री
जो लोग किसी कारणवश जयपुर नहीं आ सकते, उनके लिए जेएलएफ के वर्चुअल सेशंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। वेदांता द्वारा प्रस्तुत ये वर्चुअल सेशन पूरी तरह निःशुल्क होंगे। इनके माध्यम से देश-विदेश के दर्शक ऑनलाइन ही जेएलएफ के विचार-विमर्श और चर्चाओं से जुड़ सकेंगे।
संगीत का महाउत्सव बनेगा जयपुर म्यूजिक स्टेज
जेएलएफ का जयपुर म्यूजिक स्टेज पांच दिनों तक संगीत प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव बनने जा रहा है। अलग-अलग जोनर और फ्यूजन म्यूजिक से सजे ये कॉन्सर्ट फेस्टिवल के माहौल को और जीवंत बनाएंगे।
15 जनवरी: फ्यूजन और इंडी बीट्स से होगी शुरुआत
15 जनवरी को म्यूजिक स्टेज की शुरुआत सौमिक दत्ता ट्रैवल्स की प्रस्तुति से होगी। सूफी, फोक और वर्ल्ड म्यूजिक के अनूठे मिश्रण के लिए पहचाने जाने वाले सौमिक दत्ता अपनी टीम के साथ मंच संभालेंगे। इसी दिन वासु दीक्षित कलेक्टिव अपनी ऊर्जावान और लोक रंगों से सजी प्रस्तुति देगा।
16 जनवरी: युवाओं के पसंदीदा कलाकार
16 जनवरी को म्यूजिक स्टेज पर युवाओं के बीच लोकप्रिय कलाकार परफॉर्म करेंगे। सबसे पहले युग्म अपने प्रयोगधर्मी फ्यूजन साउंड के साथ प्रस्तुति देंगे। इसके बाद रमन नेगी अपनी रॉक शैली और दमदार आवाज से मंच पर जोश भरेंगे। इसी दिन परवाज अपने सूफी-रॉक और उर्दू शायरी से सजे संगीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेगा।
17 जनवरी: लोक और रॉक का धमाकेदार संगम
17 जनवरी को लोक और रॉक का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। राजस्थानी लोक रंगों से सजे गौली भाई देसी सुरों से माहौल को रंगीन बनाएंगे। इसके बाद थैक्कुडम ब्रिज का धमाकेदार कॉन्सर्ट होगा, जो अपने मल्टी-लैंग्वेज और फ्यूजन रॉक म्यूजिक के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता है।
विचार, साहित्य और संस्कृति का संगम
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल एक बार फिर साबित करेगा कि यह सिर्फ किताबों का नहीं, बल्कि विचारों, बहसों, संगीत और संस्कृति का जीवंत उत्सव है। पांच दिनों तक जयपुर दुनिया के विचारशील मनों का केंद्र बनेगा।


