राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डोटासरा का कहना है कि एसआईआर के जरिए प्रदेश की हर विधानसभा सीट पर कांग्रेस समर्थकों के चार से पांच हजार वैध वोट काटने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है। उन्होंने इसे न सिर्फ कांग्रेस, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया है। डोटासरा ने यह आरोप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए एक विस्तृत पोस्ट के जरिए लगाए, जिसमें उन्होंने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की बात कही।
अमित शाह के जयपुर दौरे के बाद साजिश का आरोप
गोविंद सिंह डोटासरा ने अपने पोस्ट में दावा किया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हालिया जयपुर दौरे के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMR) से एक पैन ड्राइव जारी की गई। इस पैन ड्राइव में कथित तौर पर विधानसभा-वार डेटा शामिल है, जिसके जरिए कांग्रेस समर्थित मतदाताओं को चिन्हित कर उनके वोट कटवाने की रणनीति बनाई गई है। डोटासरा के अनुसार, यह डेटा प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों के लिए तैयार किया गया है और इसे बीजेपी नेताओं तक पहुंचाया गया है, ताकि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान इसका इस्तेमाल किया जा सके।
एसडीओ कार्यालयों में फॉर्म देकर जायज़ वोट काटने की साजिश
डोटासरा ने आरोप लगाया कि एसआईआर की अंतिम आपत्ति की तारीख 15 जनवरी से पहले, एसडीओ कार्यालयों में बड़े पैमाने पर फॉर्म जमा कराए जा रहे हैं। इन फॉर्म्स के जरिए कांग्रेस के वैध और पंजीकृत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह पूरा तंत्र योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है और इसका उद्देश्य केवल चुनावी लाभ उठाना है। डोटासरा का दावा है कि यह कोई स्थानीय स्तर की कार्रवाई नहीं, बल्कि ऊपर से नीचे तक फैली हुई साजिश है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि राजस्थान में जो कुछ हो रहा है, वह सिर्फ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नहीं है। उन्होंने लिखा कि बड़े पैमाने पर वोट चोरी की जा रही है और यह लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करने का प्रयास है।
डोटासरा ने कहा कि यदि किसी नागरिक का वैध वोट बिना कारण काटा जाता है, तो यह उसके संवैधानिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहती है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने के निर्देश
डोटासरा ने पार्टी के सभी बूथ लेवल एजेंट (BLA), स्थानीय नेताओं, विधायकों, प्रत्याशियों, जिला अध्यक्षों और संगठन के पदाधिकारियों को तुरंत सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता जिला प्रशासन से संपर्क बनाएं और हर वोट की सख्त निगरानी करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में कांग्रेस के वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटने नहीं दिए जाएंगे। यदि कहीं भी गड़बड़ी की आशंका हो, तो उसे तुरंत प्रशासन और चुनाव आयोग के संज्ञान में लाया जाए।
भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
डोटासरा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सत्ता में रहते हुए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की है, जो निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने यह भी संकेत दिए कि यदि जरूरत पड़ी तो पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर न्यायालय और चुनाव आयोग तक ले जाएगी।
राजनीतिक तापमान और बढ़ने के आसार
डोटासरा के इन आरोपों के बाद राजस्थान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पहले से ही विपक्ष सवाल उठा रहा है, और अब कांग्रेस के इन आरोपों से मामला और ज्यादा तूल पकड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।


