राजस्थान में इन दिनों लगातार केंद्रीय एजेंसियों और दूसरे राज्यों की जांच एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी पहले राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जता चुके हैं। इसी बीच एक बार फिर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के अधीन राजस्व खुफिया निदेशालय दिल्ली (DRI) ने राजस्थान में नशे के खिलाफ बड़ी और अहम कार्रवाई को अंजाम दिया है।
डीडवाना में पकड़ी गई 270 किलो MD ड्रग
DRI दिल्ली की टीम ने नागौर जिले के डीडवाना क्षेत्र में कोटपूतली–कुचामन स्टेट हाईवे पर स्थित एक टोल प्लाजा के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 270.30 किलोग्राम एमडी ड्रग (मैफेड्रोन) जब्त की है। जब्त की गई ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 81 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह खेप बेहद शातिर तरीके से ट्रक में रखे मुर्गी दानों के कट्टों के बीच छुपाकर ले जाई जा रही थी।
हरियाणा से मध्य प्रदेश की जा रही थी खेप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह एमडी ड्रग की खेप हरियाणा से लाई गई थी और राजस्थान के रास्ते मध्य प्रदेश सप्लाई की जानी थी। हालांकि, इससे पहले कि तस्कर अपने मंसूबों में कामयाब हो पाते, DRI की टीम ने पुख्ता इनपुट के आधार पर ट्रक को रास्ते में ही रोककर तलाशी ले ली और पूरी खेप जब्त कर ली।
DRI को कैसे मिला इनपुट
जानकारी के अनुसार, करीब दो महीने पहले DRI दिल्ली की टीम को हरियाणा में एमडीएमए ड्रग्स के अवैध निर्माण की फैक्ट्री संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने गुप्त रूप से जानकारी जुटाई और तीन दिन पहले हरियाणा में एक बंद पड़ी दवा निर्माण कंपनी पर दबिश दी। यहां से दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ के दौरान इस बड़े ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा हुआ।
टोल प्लाजा पर रोका गया महाराष्ट्र नंबर का ट्रक
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 270 किलो से ज्यादा ड्रग्स एक ट्रक के जरिए मध्य प्रदेश भेजी गई है। इस सूचना पर DRI टीम तुरंत सक्रिय हुई और ट्रक का पीछा शुरू कर दिया। 11 और 12 जनवरी की रात को डीडवाना के कुचामन क्षेत्र में स्थित टोल नाके के पास महाराष्ट्र नंबर के ट्रक को रुकवाया गया। तलाशी के दौरान मुर्गी दाने के कट्टों के बीच छुपाए गए 9 कट्टों में एमडी ड्रग्स बरामद हुई।
6 आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में पेश
इस कार्रवाई के दौरान DRI टीम ने ट्रक चालक, खलासी, ट्रक को एस्कॉर्ट कर रहे दो तस्करों और दो फैक्ट्री संचालकों समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम बलविंदर, कुलदीप, अंकित, सज्जन कुमार, मनदीप और वजीर सिंह बताए गए हैं। सभी आरोपियों को सीकर की एनडीपीएस/डीजे कोर्ट में पेश किया गया है।
दवा कंपनी की आड़ में हो रहा था ड्रग निर्माण
DRI अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा में बंद पड़ी एक दवा निर्माण कंपनी की आड़ में गुप्त रूप से एमडी ड्रग का निर्माण किया जा रहा था। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा माल और केमिकल भी बरामद किए गए हैं। गिरोह के सदस्य ऑर्डर पूरा होने के बाद फैक्ट्री बंद कर देते थे और मशीनें, केमिकल व उपकरण दूसरी सुरक्षित जगह शिफ्ट कर देते थे।
एस्कॉर्ट वाहन और ड्राइवर बदलने की चाल
तस्करी के दौरान ट्रक के साथ एक अलग एस्कॉर्ट वाहन भी चलता था। जांच एजेंसियों की भनक लगते ही आरोपी ट्रक चालक, खलासी और कभी-कभी वाहन तक बदल देते थे, ताकि किसी को शक न हो। यह नेटवर्क बेहद संगठित और शातिर तरीके से काम कर रहा था।
पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं अवैध फैक्ट्रियां
गौरतलब है कि इससे पहले भी राजस्थान के जोधपुर जिले के शेरगढ़ में ऐसी अवैध ड्रग फैक्ट्री पर कार्रवाई हो चुकी है। इसके अलावा भोपाल, वर्धा, वापी, हैदराबाद, नोएडा और लातूर जैसे शहरों में भी एमडी ड्रग के अवैध कारखाने पकड़े जा चुके हैं। यह कार्रवाई देश में बढ़ते नशे के नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है।


