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राजस्थान में शीतलहर का कहर, कई जिलों में पारा शून्य से नीचे

राजस्थान में शीतलहर का कहर, कई जिलों में पारा शून्य से नीचे

शोभना शर्मा।  राजस्थान में उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने सर्दी का असर और तेज कर दिया है। प्रदेश के मैदानी और रेगिस्तानी इलाकों में भीषण ठंड पड़ रही है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। रविवार को कई जिलों में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु तक पहुंच गया, जबकि कुछ स्थानों पर पारा शून्य से नीचे दर्ज किया गया। ठंड की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रेगिस्तानी क्षेत्रों में भी बर्फ जमने जैसी स्थिति देखने को मिली है।

मौसम विभाग के अनुसार, शेखावाटी और पश्चिमी राजस्थान में सर्द हवाओं का असर सबसे ज्यादा नजर आ रहा है। जैसलमेर, नागौर और सीकर जिलों के कई इलाकों में सुबह के समय खेतों, वाहनों और पाइपों पर जमी ओस बर्फ में तब्दील हो गई। इससे न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हुआ, बल्कि किसानों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।

शेखावाटी में सबसे ज्यादा ठंड, फतेहपुर में माइनस 2 डिग्री

रविवार को प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका सीकर जिले का फतेहपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नागौर जिले में पारा माइनस 1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे तीखा दौर माना जा रहा है।

सीकर, झुंझुनूं और चूरू समेत शेखावाटी क्षेत्र के कई जिलों में सुबह के समय खेतों में सफेद चादर जैसी बर्फ जमी नजर आई। सिंचाई के लिए खेतों में बिछाई गई पाइप लाइनों के भीतर पानी जम गया, जिससे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पशुओं के लिए रखे पानी के बर्तन भी जम गए, जिससे ग्रामीण इलाकों में अतिरिक्त समस्याएं खड़ी हो गई हैं।

शीतलहर का अलर्ट, अभी और बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ठंड का यह दौर अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है। रविवार को प्रदेश के दो जिलों में शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया गया, जबकि पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट और पांच जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में फिलहाल राहत की संभावना नहीं है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 14 और 15 जनवरी के बाद ही ठंड से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। तब तक रात और सुबह के समय कड़ाके की ठंड बनी रह सकती है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

घने कोहरे से यातायात और उड़ानें प्रभावित

भीषण ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सीकर जिले में नेशनल हाईवे-52 पर खड़ी कारों पर जमी ओस बर्फ में तब्दील होती दिखी, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। कोहरे के कारण सुबह और देर रात के समय सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

उदयपुर में घने कोहरे का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। रविवार को खराब दृश्यता के चलते उदयपुर एयरपोर्ट से संचालित 7 उड़ानों को रद्द करना पड़ा। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोगों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं।

स्कूलों में छुट्टियां और समय में बदलाव

कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने एहतियातन कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं या स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जयपुर सहित कुल 11 जिलों में अलग-अलग निर्णय लिए गए हैं, ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके।

जयपुर में प्री-प्राइमरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए 12 और 13 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है, जबकि 14 जनवरी को मकर संक्रांति का अवकाश पहले से तय है। सीकर जिले में पांचवीं तक 17 जनवरी तक छुट्टी दी गई है और छठी से बारहवीं तक स्कूलों का समय सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे कर दिया गया है।

भरतपुर, नागौर और डीग में भी प्राथमिक कक्षाओं के लिए अवकाश घोषित किया गया है। अजमेर में प्री-प्राइमरी से बारहवीं तक के स्कूलों का समय 17 जनवरी तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे कर दिया गया है। बीकानेर में अगले आदेश तक स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे निर्धारित किया गया है, वहीं आंगनबाड़ी केंद्र भी सीमित समय के लिए संचालित किए जा रहे हैं।

सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक ठंड, शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए सतर्क रहें। सुबह और देर शाम अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और गर्म कपड़ों का उपयोग करें। प्रशासन ने भी नागरिकों से सहयोग की अपील की है ताकि इस कड़ाके की ठंड के दौर में किसी प्रकार की जनहानि न हो।

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