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प्री-बजट बैठक में मांग: हर डिवीजन मुख्यालय पर कैंसर यूनिट हो

प्री-बजट बैठक में मांग: हर डिवीजन मुख्यालय पर कैंसर यूनिट हो

राज्य सरकार के आगामी बजट को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित प्री-बजट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने गंभीर चिंताओं और अहम सुझावों को सरकार के सामने रखा। इस दौरान हेल्थ एक्सपर्ट्स ने मांग की कि राजस्थान के हर डिवीजन मुख्यालय पर कैंसर यूनिट स्थापित की जाए, ताकि महिलाओं को समय पर इलाज मिल सके। विशेषज्ञों का कहना था कि प्रदेश में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण करीब 50 प्रतिशत मरीजों की मौत हो जाती है।

समय पर इलाज न मिलने से बढ़ रही मौतें

बैठक में बताया गया कि फिलहाल राजस्थान के अधिकांश कैंसर मरीजों को इलाज के लिए जयपुर या अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है। इससे न केवल इलाज में देरी होती है, बल्कि आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने कहा कि यदि हर संभाग मुख्यालय पर कैंसर यूनिट स्थापित की जाती है, तो कैंसर की पहचान होते ही महिलाओं को नजदीक ही बेहतर इलाज मिल सकेगा और मौत के आंकड़ों में भी कमी आएगी।

सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन को लेकर बड़ा सुझाव

बैठक में डॉ. विनीता पाटनी ने सर्वाइकल कैंसर की भयावह स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि देश में हर दिन करीब 200 महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से हो रही है। इसका मतलब यह है कि हर 8 मिनट में एक महिला इस बीमारी के कारण जान गंवा रही है। उन्होंने कहा कि यह कैंसर एक साधारण वैक्सीन से रोका जा सकता है, लेकिन जागरूकता और सरकारी स्तर पर ठोस पहल की कमी के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं।

कोरोना की तरह अभियान चलाने की मांग

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से मांग की कि जिस तरह कोरोना महामारी के दौरान व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया था, उसी तरह प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन मुफ्त और अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। इससे भविष्य में कैंसर के मामलों और मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

मुख्यमंत्री का आश्वासन

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा संवेदना से जुड़ा क्षेत्र है और इसमें किसी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य को बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और आगे भी स्वास्थ्य संसाधनों में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।

स्वास्थ्य में राजस्थान को सिरमौर बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट पूर्व संवाद का उद्देश्य विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर ऐसा बजट तैयार करना है, जिससे प्रदेश की 8 करोड़ से अधिक जनता को बेहतरीन और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत बुनियादी ढांचे और योजनाओं के जरिए राजस्थान को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।

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