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दौसा में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, 10 जनवरी को स्कूलों में अवकाश

दौसा में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, 10 जनवरी को स्कूलों में अवकाश

मनीषा शर्मा।  राजस्थान के दौसा  में इन दिनों सर्दी ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया है। घने कोहरे के साथ चल रही बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर 10 जनवरी को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के चलते आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शाम ढलते ही बढ़ जाता है ठंड का असर

दौसा में शाम होते ही सर्द हवाओं का प्रकोप तेज हो जाता है, जो अगले दिन दोपहर तक बना रहता है। घना कोहरा और ठंडी हवाएं मिलकर वातावरण को और अधिक ठिठुरन भरा बना रही हैं। इसका सीधा असर दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। लोग आवश्यक काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, जबकि अधिकांश लोग ठंड से बचाव के लिए घरों में ही दुबके नजर आ रहे हैं। सुबह के समय हालात और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं। कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद कम हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।

तापमान में लगातार गिरावट, बढ़ी परेशानी

मौसम विभाग के अनुसार दौसा जिले का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। बीते कुछ दिनों से सर्द हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते फिलहाल ठंड से राहत की संभावना कम है। सुबह और देर रात के समय ठिठुरन सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है।

सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे, बुजुर्ग और मजदूर

कड़ाके की ठंड का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। सुबह जल्दी काम पर निकलने वाले मजदूरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ठंड के कारण सड़कों पर आवाजाही भी कम हो गई है। बाजारों में भी रौनक देर से देखने को मिल रही है। लोग गर्म कपड़ों, हीटर और अलाव का सहारा लेकर खुद को ठंड से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मकर संक्रांति के बाद राहत की उम्मीद

स्थानीय लोगों का मानना है कि मकर संक्रांति के बाद सूर्य के उत्तरायण होने से मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल मौसम के तेवर सख्त बने हुए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे का असर जारी रहने की संभावना है। लोगों को उम्मीद है कि त्योहार के बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होगी और ठंड से राहत मिलेगी, लेकिन फिलहाल सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।

किसानों के लिए मिला-जुला असर

कोहरे और ठंड का असर किसानों के लिए फिलहाल मिला-जुला माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि घना कोहरा रहने से अभी पाले का खतरा कम है, जो गेहूं, जौ और चना जैसी रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे फसलों की ग्रोथ बेहतर होने और पैदावार बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि अगेती सरसों की फसल के लिए तेज ठंड चिंता का विषय बनी हुई है। यदि मौसम पूरी तरह साफ हो गया और तापमान और गिरा तो पाला जमने की आशंका बढ़ जाएगी, जिससे फसल को नुकसान हो सकता है।

मौसम विभाग का येलो अलर्ट, प्रशासन अलर्ट मोड पर

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने 9 जनवरी को दौसा सहित प्रदेश के 18 जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। जरूरतमंदों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की जा रही है और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरतें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

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