मनीषा शर्मा। राजस्थान के बड़े हिस्से इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में हैं। बुधवार सुबह कई जिले घने कोहरे में लिपटे रहे, जिससे सड़कों पर विज़िबिलिटी बेहद कम हो गई। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई इलाकों में घना कोहरा, कोल्ड वेव और कोल्ड डे की स्थिति दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में भी लगातार दूसरे दिन सुबह के समय कोहरा छाया रहा, जिसके कारण ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
विज़िबिलिटी ज़ीरो, लोगों ने अलाव का सहारा लिया
राज्य के कई हिस्सों में सुबह के समय विज़िबिलिटी लगभग शून्य तक पहुंच गई। Highway, शहरी इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन चालकों को हैड-लाइट्स और फॉग-लैंप के सहारे चलना पड़ा। ठंड से राहत के लिए लोगों ने जगह-जगह अलाव जलाए। बस स्टैंड, चौक-चौराहों और मजदूरी स्थलों पर सुबह बैठने वालों के लिए अलाव ही बड़ी राहत बने रहे।
तापमान में भारी गिरावट, सीकर रहा सबसे ठंडा
पिछले 24 घंटों में बाड़मेर में अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सीकर में 4.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा सिरोही में 4.7, फलोदी में 5.8, अजमेर में 5.9, अलवर में 6.1 तथा गंगानगर और चूरू में 6.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि राज्य में शीतलहर का असर लगातार गहराता जा रहा है।
चार जिलों में कोहरे की खास चेतावनी
जयपुर में अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने बूंदी, करौली, कोटा और सवाई माधोपुर में घने कोहरे और शीत दिवस की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में सुबह के समय यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
शीत दिवस कब माना जाता है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शीत दिवस तब घोषित किया जाता है जब किसी क्षेत्र का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज होता है। लगातार कई दिनों तक ऐसा होने पर क्षेत्र कोल्ड डे और शीतलहर की श्रेणी में आ जाता है।
अगले 3–5 दिनों तक कोहरा और सर्दी का असर
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह के दौरान राज्य में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि, सुबह के समय कई स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने और बहुत ठंडे दिन दर्ज होने की संभावना है। इसी कारण से ऑरेंज फॉग अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही, अगले 3–5 दिनों तक राजस्थान के कई हिस्सों में शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है, जबकि उत्तर-पूर्व भारत में भी घना कोहरा छाए रहने के संकेत हैं।


