राजस्थान में खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता से समझौते के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार और फूड सेफ्टी विभाग की सख्ती के बावजूद मिलावटखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी कड़ी में राजधानी जयपुर में फूड सेफ्टी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 हजार किलोग्राम से अधिक संदिग्ध दाल को सीज किया है। यह कार्रवाई बुधवार, 7 जनवरी को की गई, जिससे खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
यह कार्रवाई प्रदेश में चलाए जा रहे “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान के तहत की गई। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त राजस्थान डॉक्टर टी. शुभमंगला के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर द्वितीय की टीम ने कानोता स्थित हीरावाला इंडस्ट्रियल एरिया में एक दाल फैक्ट्री पर छापेमारी की।
हीरावाला इंडस्ट्रियल एरिया में छापा
फूड सेफ्टी टीम ने हीरावाला इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मैसर्स के. एम. इंडस्ट्रीज में निरीक्षण के दौरान दाल की गुणवत्ता और पैकिंग में गंभीर खामियां पाईं। जांच के दौरान सामने आया कि फैक्ट्री में रखी गई दाल के पैकिंग कट्टों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अनिवार्य जानकारियां अंकित नहीं थीं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर द्वितीय डॉक्टर मनीष मित्तल ने बताया कि टीम ने मौके पर 30 किलो वजन वाले कुल 521 सील्ड कट्टों को सीज किया। इन कट्टों में कुल 15 हजार 630 किलो दाल पाई गई, जिसे संदिग्ध मानते हुए जब्त किया गया।
गुणवत्ता को लेकर भी संदेह
डॉक्टर मित्तल ने बताया कि प्रत्येक सील्ड खाद्य सामग्री पर मैन्युफैक्चरिंग या पैकिंग की तिथि, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, कंपनी का पूरा नाम और पता अंकित होना अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान यह सभी आवश्यक सूचनाएं दाल के कट्टों पर नहीं पाई गईं। इसके अलावा दाल की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह व्यक्त किया गया, जिसके चलते तत्काल प्रभाव से सीज की कार्रवाई की गई।
फैक्ट्री से हरी मूंग दाल छिलका और मूंग मोगर के नमूने भी लिए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री मालिक को दिए निर्देश
कार्रवाई के समय फैक्ट्री का मालिक मौके पर मौजूद था। टीम ने उसे स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में सभी पैकिंग कट्टों पर अनिवार्य जानकारियां अंकित की जाएं और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। नियमों की अवहेलना पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील चोटवानी, विनोद थारवान और राजेश नागर शामिल रहे। फूड सेफ्टी विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।


