मनीषा शर्मा। राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार ने अक्टूबर 2025 में ही चुनाव संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। OBC आयोग की रिपोर्ट आने के बाद अब कोई ऐसी बाधा नहीं है, जो चुनाव प्रक्रिया में रुकावट पैदा करे।
“आयोग चाहे तो फरवरी में ही चुनाव करा दे”
सीकर में ग्रामीण महिला शिक्षण संस्थान में आयोजित कौशल रथ फ्लैग ऑफ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खर्रा ने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग चाहे तो फरवरी में भी चुनाव करवाए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और स्वायत्त शासन विभाग दोनों स्तरों पर पूरी तैयारी हो चुकी है और प्रशासन चुनाव के लिए पूर्णतः तत्पर है।
युवाओं के कौशल विकास पर जोर
अपने संबोधन में UDH मंत्री ने युवाओं को कौशल विकास योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि देश का हर युवा किसी न किसी कौशल में निपुण बने और आत्मनिर्भर बने।
मंत्री के अनुसार, कौशल विकास न केवल रोजगार का मार्ग खोलता है बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
कोहरे के कारण जयंत चौधरी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके
कार्यक्रम में केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री जयंत चौधरी को भी आना था, लेकिन घने कोहरे के कारण उनकी फ्लाइट डायवर्ट हो गई। उनकी अनुपस्थिति में वीडियो संदेश के जरिए प्रतिभागियों को संबोधित किया गया।
जयंत चौधरी ने कहा कि सीकर का पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से विशेष जुड़ाव रहा है, इसलिए यहां के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
कौशल रथ—ग्रामीण युवाओं के लिए मोबाइल ट्रेनिंग सुविधा
कौशल विभाग के डीजीएम संदीप कतना ने बताया कि “कौशल रथ” एक मोबाइल प्रशिक्षण पहल है। ये विशेष बसें आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित ट्रेनरों से लैस हैं।
यहां युवाओं को
डिजिटल लिटरेसी
वित्तीय साक्षरता
उद्यमशीलता कौशल
जैसे विषयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
2500 युवाओं को मिलेगा प्रमाणित प्रशिक्षण
सीकर जिले में कौशल रथ गांव-गांव जाकर लगभग 2500 युवाओं को प्रशिक्षण देगा। पांच दिन के कार्यक्रम में रोजाना दो घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी और कोर्स पूरा होने पर प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
निकाय चुनाव और विकास योजनाएँ—दोनों पर सरकार का फोकस
निकाय चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ सरकार कौशल विकास जैसी योजनाओं पर भी जोर दे रही है। राज्य सरकार का दावा है कि अब चुनाव कराने में कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा शेष नहीं है और अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग पर निर्भर है।

